इंदौर के साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश, 3 युवती समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

💥इंदौर के कॉल सेंटर से संचालित था देशभर में ठगी का नेटवर्क, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर रायगढ़ के डॉक्टर से की गई थी ₹34.17 लाख की ऑनलाइन ठगी।

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 34 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी के मामले में रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में साइबर पुलिस थाना रायगढ़ की विशेष टीम ने मध्यप्रदेश के इंदौर में दबिश देकर तीन युवतियों और दो युवकों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की विवेचना में इंदौर के एक कॉल सेंटर से जुड़े साइबर नेटवर्क, म्यूल बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए ठगी की रकम का लेनदेन करने से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
      

आरोपियों की गिरफ्तारी से साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में दर्ज दो अपराधों का खुलासा हुआ है। इनमें सोनकरपारा, रायगढ़ निवासी डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा से शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर ₹34,17,531 की ठगी का मामला भी शामिल है। दूसरे मामले में बैंक खाते के कथित दुरुपयोग और कमीशन के जरिए रकम प्राप्त करने की भूमिका भी सामने आई है।
पहला मामला
         27 मई 2026 को साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में सोनकरपारा, थाना जूटमिल निवासी डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई कि मार्च 2025 में मोबाइल फोन के माध्यम से उनका संपर्क सुनील नाम के व्यक्ति से हुआ था। उक्त व्यक्ति ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर अत्यधिक लाभ मिलने का प्रलोभन देते हुए स्पार्टन ट्रेड कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। कंपनी का पोर्टफोलियो व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजा गया, जिसे देखकर प्रार्थी को निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा हो गया। इसके बाद कुछ अन्य व्यक्तियों ने भी उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क किया और अलग-अलग समय पर निवेश कराया। 28 अप्रैल 2025 से 3 अप्रैल 2026 के मध्य उनसे कुल ₹34,17,531 निवेश कराए गए। निवेश की राशि पर बढ़ता हुआ लाभ पोर्टफोलियो में दिखाया जाता रहा, लेकिन जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो राशि नहीं निकाल पाए। इसके बाद भी उनसे और पैसा निवेश करने के लिए कहा जाने लगा। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। शिकायत पर प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
दूसरा मामला
        दूसरे मामले में 27 सितंबर 2026 को सूरज शर्मा पिता देवेंद्र शर्मा निवासी हिल व्यू कॉलोनी, जिंदल, रायगढ़ का आवेदन साइबर पुलिस थाना रायगढ़ को प्राप्त हुआ। आवेदन में बताया गया कि उसके पंजाब नेशनल बैंक खाते में 12 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच 18 बार में कुल ₹2,97,298 का लेनदेन हुआ था। रकम प्राप्त करने और नकद निकासी के बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक तथा पंजाब राज्यों में शिकायतें होने पर उसका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। सूरज शर्मा ने खाते का साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाने तथा खाते पर लगी रोक हटाने के संबंध में पुलिस से जाँच का अनुरोध किया और बैंक खाते का ट्रांजेक्शन विवरण प्रस्तुत किया। विवेचना के दौरान पुलिस को ऐसे तथ्य मिले, जिनसे सूरज शर्मा द्वारा अपना बैंक खाता साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए उपलब्ध कराने की आशंका सामने आई। बैंक ट्रांजेक्शन के अवलोकन में विवादित धनराशि में से गायत्री विश्वकर्मा, इंदौर के माध्यम से सूरज शर्मा को नकद और यूपीआई के जरिए कमीशन मिलने के तथ्य सामने आए। पुलिस के अनुसार, बैंक खाते का म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ अर्जित करने की भूमिका पाए जाने पर 30 सितंबर 2026 को सूरज शर्मा और गायत्री विश्वकर्मा के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
इंदौर के कॉल सेंटर से जुड़े मोबाइल नंबरों ने खोली नेटवर्क की परतें
      दोनों मामलों की सूक्ष्म विवेचना थाना प्रभारी सइबर निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में निरीक्षक विमल राय, एएसआई नंद कुमार सारथी द्वारा की जा रही है । विवेचना के दौरान पुलिस को एक कॉमन मोबाइल नंबर का उपयोग संदेही तनिषा पाटिल, इंदौर द्वारा किए जाने की जानकारी मिली। साथ ही सूरज शर्मा और इंदौर की गायत्री विश्वकर्मा के बीच संपर्क तथा कथित साइबर ठगी से संबंधित गतिविधियों के तथ्य सामने आए। संदेहियों के मोबाइल नंबर इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय पाए जाने पर साइबर पुलिस थाना रायगढ़ की विशेष टीम गठित कर इंदौर रवाना की गई। पुलिस टीम ने इंदौर के पलासिया क्षेत्र में एक कॉल सेंटर में दबिश दी। जाँच के दौरान गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल को पकड़ा गया। इसके बाद संदेही ज्योति मालवीय के विजय नगर क्षेत्र में होने की जानकारी मिलने पर उसे वहाँ से पकड़ा गया। ज्योति से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने परदेशीपुरा क्षेत्र से तरुण नागर को गिरफ्तार किया। वहीं, इंदौर से खरसिया आकर अपने रिश्तेदार के यहाँ रह रहे सूरज शर्मा को भी पुलिस ने पकड़ लिया। आरोपियों को इंदौर में न्यायालय के समक्ष पेश कर ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रायगढ़ लाया गया।
गिरफ्तार आरोपी -
1. ज्योति मालवीय पिता चिरप सिंह मालवीय, उम्र 20 वर्ष, निवासी मोहनीपुरा, थाना-ब्यावरा, जिला-राजगढ़, मध्यप्रदेश; वर्तमान पता विजय नगर, इंदौर।
2. तनिषा पाटिल पिता राज पाटिल, उम्र 21 वर्ष, निवासी कृष्णबाग कॉलोनी, थाना-विजय नगर, जिला-इंदौर, मध्यप्रदेश।
3. तरुण नागर पिता कैलाश नंद नागर, उम्र 23 वर्ष, निवासी जिला-राजगढ़, मध्यप्रदेश; वर्तमान पता नंदा नगर, थाना परदेशीपुरा, इंदौर।
4. गायत्री कुमारी विश्वकर्मा पिता लोकेश कुमार विश्वकर्मा, उम्र 21 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 05, शौकी नगर, किरोड़ीमल नगर, थाना-कोतरारोड, रायगढ़; वर्तमान पता विजय नगर, इंदौर।
5. सूरज शर्मा पिता देवेंद्र शर्मा, उम्र 21 वर्ष, निवासी एस-55, हिल व्यू कॉलोनी, पतरापाली, थाना-कोतरारोड, रायगढ़।
          मामले का खुलासा करने वाली टीम में थाना प्रभारी सइबर निरीक्षक विजय चेलक, निरीक्षक विमल राय, एएसआई नंद कुमार सारथी, आरक्षक महेश पंडा, पुष्पेन्द्र जाटवर, प्रशांत पंडा, जितेन्द्र कुर्रे, रविन्द्र गुप्ता, धर्मेन्द्र सिंह, विकास प्रधान एवं महिला आरक्षक लता नारंगे, यशोमति की भूमिका सराहनीय रही।
      “साइबर अपराधी शेयर ट्रेडिंग में अत्यधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों की मेहनत की कमाई ठग रहे हैं। नागरिक किसी भी अनजान व्यक्ति या कंपनी के झांसे में आकर निवेश न करें। अपने बैंक खाते, सिम कार्ड और पहचान संबंधी दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। साइबर अपराधों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”- एसएसपी शशि मोहन सिंह, रायगढ़।

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