चक्रवाती तूफान अर्नब ने तोड़ी किसानों की कमर, हजारों एकड़ पका-पकाया फसल हुआ बर्बाद


तहतक न्यूज। बंगाल की खाड़ी से उठे अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने भारत के कई राज्यों में किसानों की आजीविका और फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान, जो कि कटाई के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी थी, इस बेमौसम बारिश और तेज हवाओं की सबसे बड़ी शिकार बनी है।

विभिन्न राज्यों में किसानों पर चक्रवात 'अर्नब' का गहरा असर देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ (धमतरी, कवर्धा, रायपुर), झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण पककर तैयार धान की खड़ी फसल खेतों में गिर गई है। वहीं, खेतों में पानी भरने से कटी हुई और खड़ी फसलें भीग गई हैं। लंबे समय तक जलजमाव के कारण धान के दानों में अंकुरण और उनका रंग बदलने का बड़ा जोखिम खड़ा हो गया है, जिससे धान की गुणवत्ता खराब हो जाएगी।
        आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में धान के अलावा सोयाबीन, टमाटर, केले के बागान और अन्य सब्जियां भी जलमग्न हो गई हैं।
विभिन्न राज्यों में असर की स्थिति -
छत्तीसगढ़:
        राज्य में 15 नवंबर से धान की सरकारी खरीदी शुरू होनी है, लेकिन इस आपदा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने बस्तर, बलरामपुर, सूरजपुर और कोरबा जैसे जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
आंध्र प्रदेश:
       शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, यहाँ 80,000 हेक्टेयर से अधिक फसल (70,000 हेक्टेयर से ज्यादा धान और 10,000 हेक्टेयर से अधिक बागवानी फसलें) प्रभावित हुई है, जिससे करीब 3.45 लाख किसान संकट में हैं। राज्य सरकार ने केंद्र से तुरंत राहत और इनपुट सब्सिडी की मांग की है।
झारखंड और बिहार:
        झारखंड के कई जिलों (जैसे गढ़वा, पलामू, गुमला आदि) में भारी बारिश से नुकसान हुआ है। वहीं बिहार के मुंगेर जैसे इलाकों में भी किसान फसल डूबने की आशंका से बेहद परेशान हैं।
        झारखंड और छत्तीसगढ़ सरकारों ने खेतों का मौके पर निरीक्षण और सर्वे करवाकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा देने की बात कही है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि जो फसलें पक चुकी हैं, उनकी तुरंत कटाई कर सुरक्षित और हवादार स्थानों पर भंडारण करें। इसके साथ ही, लगातार बारिश को देखते हुए गेहूं, चना और मसूर जैसी रबी फसलों की बुआई फिलहाल टालने को कहा गया है।

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