तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर छत्तीसगढ़ में तेजी से दिखने लगा है और मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आंध्र प्रदेश तट से टकराने के बाद यह तूफान कमजोर होकर आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं के साथ भारी बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रायगढ़ जिले के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में 29 अक्टूबर, गुरुवार को अवकाश घोषित किया गया है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के अनुमोदन पर विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने यह आदेश जारी किया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि आदेश के तहत जिले के सभी प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालय बंद रहेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
बता दें कि, मौसम विभाग ने बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, और नारायणपुर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। यहाँ कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश (204 मिमी से अधिक) और 60 से 90 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। रायपुर, गरियाबंद, रायगढ़ और कोरबा जैसे मध्य क्षेत्रों में सुबह से ही रिमझिम बारिश और ठंडी हवाएं चल रही हैं। सरगुजा संभाग सहित उत्तर छत्तीसगढ़ में भी 29 अक्टूबर को मौसम का असर काफी बढ़ जाएगा।
किसानों के लिए जरूरी एडवाइजरी
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों को अगले 2 से 4 दिनों तक धान और अन्य फसलों की कटाई रोकने की सलाह दी है। जिन किसानों की फसल कट चुकी है, उन्हें उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा खेतों में जल निकासी (वाटर ड्रेनेज) की व्यवस्था करने को कहा गया है ताकि कटी फसलें खराब न हों।
सरकार और प्रशासन की तैयारियां
राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। अति संवेदनशील 12 जिलों में 341 और अन्य जिलों को मिलाकर कुल 779 राहत शिविर तैयार किए गए हैं, जहाँ लगभग 1 लाख लोगों को ठहराने की क्षमता है। SDRF की 7 टीमें मुस्तैद हैं और दुर्ग, सुकमा, बस्तर व बीजापुर में NDRF की टीमें भी कमान संभाल रही हैं। आपातकालीन स्थिति के लिए रायपुर और बस्तर में हेलीकॉप्टर्स को भी रेस्क्यू के लिए तैयार रखा गया है।
आपातकालीन सहायता के लिए 24 घंटे कार्यरत राज्य स्तरीय हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी किया गया है। बांधों (जैसे बांगो और गंगरेल डैम) के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।



