छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री ने किया किसानों और राशनकार्ड धारकों के लिए बड़ी घोषणा

💥 राशन कार्ड धारकों को मिलेगा सुपर फाइन चावल तो वहीं, दूसरी फसल लेने वाले किसानों को मिलेगी बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि।

तहतक न्यूज। छत्तीसगढ़ के राशन कार्ड धारकों को जनवरी 2027 से 'सुपर फाइन' यानि उच्च गुणवत्ता वाला चावल मिलेगा। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने इसकी घोषणा की है। एकात्म परिसर में संवाददाताओं से चर्चा में कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में धान खरीदी की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। सरकार 15 नवंबर से किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेगी। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जाएगा। दूसरी फसल लेने पर किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये प्रोत्साहन मिलेगा।
टूटे चावल (कनकी) की मात्रा होगी कम
      पहले राशन में मिलने वाले चावल में 25% से 30% तक टूटा हुआ चावल (कनकी) होता था। अब नए नियमों के तहत टूटे हुए चावल की मात्रा को घटाकर अधिकतम 10% कर दिया गया है। यानि अब राशन कार्ड धारकों को 90% तक खड़ा (साबुत) चावल मिलेगा। सरकार ने राइस मिलरों को अपनी मशीनों को अपग्रेड करने के निर्देश दिए हैं ताकि धान की मिलिंग के समय चावल कम से कम टूटे।
सभी श्रेणियों के कार्ड धारकों को मिलेगा लाभ
        प्रदेश के बीपीएल (BPL) और एपीएल (APL) दोनों ही तरह के राशन कार्ड धारकों को इस उन्नत और बेहतर क्वालिटी वाले चावल का लाभ मिलेगा।  लाभार्थियों को मिलने वाले राशन (चावल) की निर्धारित मात्रा पहले जैसी ही रहेगी, केवल उसकी गुणवत्ता को बेहतर किया जा रहा है।
धान के बदले दूसरी फसल पर प्रोत्साहन राशि
         कृषि मंत्री के अनुसार, राज्य सरकार फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दे रही है। यदि किसान धान के स्थान पर अपने खेतों में कोई दूसरी फसल लेते हैं, तो उन्हें प्रोत्साहन राशि 11 हजार रुपए से बढ़ाकर  15,000 रुपये प्रति एकड़ दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करना और तिलहन जैसी दूसरी फसलों का उत्पादन बढ़ाना है।
360 नए धान केंद्र
      किसानों को टोकन लेने में परेशानी न हो, इसके लिए बेहतर व्यवस्था की जा रही है। सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में 360 नए धान उपार्जन केंद्र खोले गए है। वहीं, इस साल 15 नवंबर से धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर शुरू होने जा रही है।
एग्रीटेक आईडी के आधार पर किसानों की पहचान
        मंत्री ने बताया कि एग्रीटेक आईडी के आधार पर किसानों की पहचान और उनकी जमीन का सत्यापन किया जा रहा है। बाहरी धान की आवक रोकने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था अपनाई जा रह है। नए उपार्जन केंद्रों पर कर्मचारियों और मजदूरों की भर्ती से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को 35,589 करोड़ रुपए की आदान सहायता दी जा चुकी है। वहीं, 11,281 करोड़ रुपए किसानों के खातों में भेजे जाने की जानकारी दी।
21 क्विंटल से कम उत्पादन होने पर भी अंतर की राशि (बोनस) प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक देने के सवाल पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा, धान खरीदी पुरानी नीति के तहत होगी। नीति में किसी भी तरह का नीतिगत बदलाव नहीं हुआ है। कम उत्पादन होने या प्रति एकड़ 21 क्विंटल से कम बेचने पर किसानों को 21 क्विंटल का बोनस देने का कोई निर्णय सरकार ने नहीं लिया है, इस पर सरकार विचार कर रही है।

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