तहतक न्यूज/मेरठ,उत्तर प्रदेश। जिले के हस्तिनापुर क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ दामिनी नामक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने स्कूल संचालक पति अतुल कुमार पंवार (32 वर्ष) की सोते समय सांप से डसवाकर हत्या कर दी। मेरठ पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया है और आरोपी पत्नी, उसके प्रेमी और दो सपेरों सहित 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या की यह खौफनाक साजिशअवैध संबंध और लालच के कारण रची गयी। मृतक अतुल कुमार और उनकी पत्नी दामिनी सात साल पहले लव मैरिज किये थे पिछले चार सालों से दोनों मिलकर एक प्ले स्कूल चला रहे थे। दामिनी का प्रेम प्रसंग स्कूल के ही वैन ड्राइवर तुषार उर्फ निक्की से चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे और अतुल के नाम पर मौजूद 20 लाख रुपये की बीमा राशि हड़पना चाहते थे। योजना के मुताबिक गुरुवार रात को दामिनी ने अपने पति अतुल को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं, जिससे वह गहरी नींद में सो गया। जब अतुल बेहोश हो गया, तो रात करीब 2 बजे प्रेमी तुषार दो सपेरों (सोनू और उदय) के साथ जहरीला करैत सांप लेकर घर पहुंचा। उन्होंने सोते हुए अतुल को सांप से डसवाया और वारदात को प्राकृतिक दिखाने के लिए सांप को कमरे में ही छोड़ दिया।
सुबह करीब 6 बजे दामिनी ने कमरे में जाकर शोर मचाया कि अतुल को सांप ने काट लिया है। बिस्तर पर सांप होने और पैर पर निशान दिखने के कारण परिजनों ने इसे सामान्य हादसा समझा। पूछताछ के दौरान दामिनी ने पुलिस को बताया कि गर्मी लगने के कारण वह रात 2 बजे अपने बेटे के साथ दूसरे कमरे में चली गई थी। सांपों के इस तरह बिस्तर के अंदर घुसकर काटने के असामान्य व्यवहार और पत्नी के बयानों पर पुलिस को शक हुआ। जब पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो दामिनी और ड्राइवर तुषार के बीच लगातार बातचीत का पता चला। हिरासत में लिए गए ड्राइवर तुषार के मोबाइल से डिब्बे में बंद सांप की तस्वीर मिली, जो घटनास्थल पर मिले सांप से बिल्कुल मेल खाती थी। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पत्नी दामिनी, प्रेमी तुषार और सांप सप्लाई करने वाले सपेरे सोनू व उदय को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इससे पहले भी इन आरोपियों ने अतुल को कार से टक्कर मारकर दुर्घटना का रूप देने की नाकाम कोशिश की थी।



