छत्तीसगढ़ में हड़ताल पर बैठे पटवारियों पर सख्त हुई सरकार, पीछे हटने के मूड में नहीं पटवारी


तहतक न्यूज। छत्तीसगढ़ में 13 अक्टूबर से चल रही पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर प्रशासन और सरकार का रुख और अधिक सख्त हो गया है, जिसके कारण टकराव की स्थिति चरम पर पहुँच गई है। आज सोमवार को आए ताजा अपडेट्स के अनुसार, कार्रवाई का दायरा जिलों में तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
       विदित हो कि, राजस्व पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप के निलंबन के बाद, अलग-अलग जिलों में जिलाध्यक्षों और प्रमुख पदाधिकारियों को लगातार सस्पेंड किया जा रहा है। जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन ने 141 हड़ताली पटवारियों को 'ब्रेक इन सर्विस' (सेवा उल्लंघन) का नोटिस थमा दिया है। इसके साथ ही जिले के पटवारी संघ अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव और ज्योतिष कुमार सर्वे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं बलरामपुर-वाड्रफनगर में 5 पटवारियों को अपने निर्धारित मुख्यालय में निवास न करने और ड्यूटी से नदारद रहने के कारण सस्पेंड किया गया है। नोटिस का जवाब न देने वाले और काम पर नहीं लौटने वाले पटवारियों के खिलाफ अब निलंबन के साथ-साथ बड़े पैमाने पर प्रशासनिक ट्रांसफर की कार्रवाई भी शुरू की जा रही है।
       सरकार ने धान खरीदी सीजन को देखते हुए पटवारियों को आखिरी अल्टीमेटम जारी किया है। बिलासपुर जिले में आंदोलन पर डटे सभी 259 पटवारियों को 48 घंटे के भीतर काम पर लौटने का अंतिम नोटिस दिया गया है। समय सीमा में न लौटने पर सीधे सर्विस ब्रेक की चेतावनी दी गई है।
       सरगुजा संभाग में कमिश्नर के निर्देश पर छह जिलों में 819 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल ड्यूटी जॉइन करने का आदेश दिया गया है। इनमें सरगुजा (216), सूरजपुर (192), जशपुर (150), बलरामपुर (150), कोरिया (60), और एमसीबी (51) शामिल हैं।
        रायपुर और दुर्ग संभाग में सोमवार से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, वहीं दुर्ग और अन्य जिलों में भी 5,000 से अधिक पटवारियों को कारण बताओ नोटिस की जद में लिया गया है।
पटवारी संघ का पलटवार
       प्रशासन की इस चौतरफा सख्ती से पटवारी संघ पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा है। सरगुजा और जांजगीर सहित कई जिलों में पटवारियों ने सरकारी नोटिस और निलंबन आदेशों की प्रतियां (कॉपी) जलाकर उग्र विरोध प्रदर्शन किया है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार फिजिकल वेरिफिकेशन ऐप (PV App) को वापस लेने और वेतन विसंगति जैसी मांगों पर ठोस बातचीत नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार की अपील
        इधर, डिप्टी सीएम अरुण साव ने पटवारियों से जनहित और धान खरीदी को प्राथमिकता देते हुए तत्काल काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि पटवारियों की मांगें सरकार के संज्ञान में हैं और उन पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। बात करें तहतक की तो ऐन धान खरीदी के सीजन में पटवारियों की हड़ताल से जहाँ किसान वर्ग चिंतित नजर आ रहे हैं वहीं राजस्व सम्बन्धी अन्य कार्य ठप्प होने से आम जनता परेशान हो रही है। पटवारियों की मांगों को लेकर समय रहते निराकरण हो जाती तो आज ये नौबत नहीं आती।

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