शासकीय जमीन पर कब्जा मामले में छपी खबर तो प्रशासन ने लिया तत्काल संज्ञान, तहसीलदार करेंगे जाँच <br>

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। ग्राम कलमी में सरकारी जमीन पर कथित कब्जे को लेकर प्रकाशित खबर पर प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया है। 28 सितंबर को रायगढ़ से प्रकाशित विभिन्न समाचार माध्यमों में खबर सामने आने के बाद एसडीएम कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नायब तहसीलदार रायगढ़ को तत्काल जाँच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जाँच के दौरान यदि शासकीय जमीन पर अतिक्रमण पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
       मामला ग्राम कलमी के खसरा नंबर 392 की 1,681 वर्गफुट जमीन से जुड़ा है। इस जमीन पर पिंटू सिंह पिता रामेश्वर द्वारा कथित अतिक्रमण किए जाने की खबर प्रकाशित हुई थी। समाचार सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को न केवल कागजों तक सीमित रखा, बल्कि एसडीएम ने नायब तहसीलदार को मौके की जाँच और संबंधित पक्ष की सुनवाई के निर्देश दिए हैं।
खबर पर तुरंत लिया संज्ञान
      एसडीएम कार्यालय से जारी पत्र में 28 सितंबर 2026 को प्रकाशित विभिन्न समाचार माध्यमों में आई खबर का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इसके बाद राजस्व विभाग को पूरे मामले की जाँच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासन के इस कदम से यह साफ है कि सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में शिकायत और सामने आई जानकारी को गंभीरता से लेकर नियमानुसार तत्काल जाँच की जा रही है।
अब नायब तहसीलदार की जाँच में जमीन के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान किया जाएगा। संबंधित पक्ष को भी अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। इसके बाद जाँच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
सरकारी जमीन हुई तो कार्रवाई तय
        एसडीएम के निर्देश में कहा गया है कि यदि जाँच में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाए। अर्थात् प्रशासन ने जाँच की जिम्मेदारी तय करने के साथ आगे की कार्रवाई का रास्ता भी स्पष्ट कर दिया है। फिलहाल, सीधे निर्माण हटाने का आदेश नहीं हुआ है, लेकिन जाँच में अतिक्रमण की पुष्टि होने पर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो सकती है।
प्रशासन की सक्रियता से बढ़ी उम्मीद
        कलमी के इस मामले में अब प्रशासनिक जाँच शुरू होने से पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है। एसडीएम स्तर से तत्काल संज्ञान लेकर तहसीलदार को जाँच की कमान सौंपे जाने से सरकारी जमीन से जुड़े मामले में कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो गई है।

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