तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। ग्राम पंचायत लाखा के आश्रित गाँव चिराईपानी में लगे ट्रांसफार्मर पर गाज गिरने से पिछले 72 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप्प है। ग्रामवासी जहाँ बीते तीन दिनों से अँधेरे में रहने को मजबूर हैं वहीं, गाँव की पेयजल व्यवस्था चरमरा गयी है।
मिली जानकारी के अनुसार विगत 29 जून को तेज आँधी-तूफान और तेज गरज के साथ आयी बारिश के दौरान विद्युत ट्रांसफार्मर पर आकाशीय बिजली गिरने से वह जलकर क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके चलते पूरे गाँव में बिजली की आपूर्ति बंद हो गयी है। बिजली बंद होने से गाँव के सभी बोरपम्प बंद पड़े हैं, जिससे पीने के पानी की समस्या बढ़ गयी है। यही नहीं, जंगल के बीच बसा यह गाँव रात होते ही अंधेरे में डूब जाता है, जिससे बारिश की वजह से गली-मोहल्ले में कीचड़ और जलभराव के बीच सांप, बिच्छू व अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का भय बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में 29 जून की शाम से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बाद भी तीन दिन हो गए अभी तक बिजली की बहाली नहीं हो सकी है।
उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र के सांसद और विधायक ने भी ग्रामीणों की परेशानियों को देखते हुए फोन कर यहाँ की विद्युत व्यवस्था तत्काल बहाल करने निर्देशित किया है, लेकिन उनकी बातों का भी कोई असर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है। बात तह तक की करें तो बिजली विभाग के नखरे और मनमानी चरम पर है। जरा सी हवा चली नहीं कि घंटों बिजली काट दी जाती है। ऐसे में जब खम्भा ही टूट गया हो, ट्रांसफार्मर जल गया हो तो ग्रामीण उपभोक्ता भला कैसे भरोसा करे कि ये तत्परता पूर्वक कार्य कर जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करेंगे? बिजली बहाली में हो रहे विलम्ब को लेकर जब 'तहतक न्यूज' ने क्षेत्र से सम्बंधित एग्जिक्यूटिव इंजिनियर से मोबाईल पर संपर्क कर जानकारी चाहा तो उन्होंने न तो रिसीव किया और न ही कॉल बेक करना उचित समझा।



