तहतक न्यूज/सक्ती,छत्तीसगढ़। छः दिनों पूर्व हुए जिले के बहुचर्चित पूर्णिमा चौहान हत्याकांड का पुलिस ने पूरी तरह से खुलासा कर दिया है। पुलिस की जांच के अनुसार, यह हत्या प्रेम प्रसंग के चलते 4 लाख रुपए की सुपारी देकर कराई गई थी। इस मामले में साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी पति-पत्नी समेत कुल 9 आरोपियों को महाराष्ट्र, झारखंड और छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल, जिंदा कारतूस, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नगदी भी बरामद की गई है। पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक 26 जून को ग्राम जोंगरा निवासी पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम की दो नकाबपोश बदमाशों ने घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देशन में विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने चार दिनों तक मोबाइल टावर डंप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर पूरे हत्याकांड का खुलासा किया।
जांच में सामने आया कि मृतका पूर्णिमा चौहान के रायगढ़ जिले के पूँजीपथरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देलारी निवासी मुरलीशंकर चौहान के साथ प्रेम संबंध थे। इस संबंध को लेकर मुरलीशंकर और उसकी पत्नी चम्पा चौहान के बीच अक्सर विवाद चल रहा था। बाद में मुरलीशंकर ने पत्नी के कहने पर पूर्णिमा से दूरी बना ली, लेकिन पूर्णिमा लगातार उस पर शादी का दबाव बना रही थी, जिससे दोनों काफी परेशान थे। आखिरकार, मुरलीशंकर और उसकी पत्नी चम्पा ने पूर्णिमा से छुटकारा पाने के लिए उसकी हत्या की साजिश रची और राजेंद्र महंत को 4 लाख रुपये की सुपारी हत्या कराने का सौदा किया। योजना के अनुसार राजेंद्र के साथी गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत घटना के दिन मोटरसाइकिल से जोंगरा पूर्णिमा के घर पहुँचे और पूर्णिमा के बाहर निकलते ही उस पर गौरीशंकर ने पिस्तौल से तीन गोलियां दाग दीं। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने राजेन्द्र महंत को जमशेदपुर (झारखंड) तथा गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत को पुणे (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया। इसके बाद अन्य आरोपियों को छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और सुपारी की राशि में से बची नगदी बरामद की है। सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
प्रेम प्रसंग जैसे मामलों में बढ़ते अपराध की हकीकत की तहकीकात में तहतक जाकर देखा जाय तो ये कथित प्यार, प्रेम, मोहब्बत केवल किस्से-कहानियों और फिल्मों में ही अच्छे लगते हैं। वास्तव में विपरीतलिंगियों का ये प्यार मोहब्बत इंसान को जीवन नहीं मौत के अँधेरे कुएँ की ओर ले जाता है, जहाँ से निकल पाना मुश्किल ही नहीं असंभव है। अतः भले इंसान को इन सब से दूर ही रहना चाहिए।



