💥अप्रैल 2026 में सामारूमा के आगे जंगल के पास पिकअप की ट्रेलर से हुई थी टक्कर, पिकअप वाहन में मिले थे गौवंश।
तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। पूंजीपथरा पुलिस ने गौवंशों की तस्करी एवं पशु क्रूरता के मामले में करीब छह माह से फरार आरोपी मो. फिरोज (36 वर्ष), निवासी आजाद बस्ती, थाना एवं जिला गुमला, झारखंड को गिरफ्तार किया है। पूंजीपथरा पुलिस टीम ने 12 अक्टूबर को स्थानीय पुलिस के सहयोग से गुमला स्थित आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस को देखकर भागने का प्रयास कर रहे आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 को ग्राम गोदगोदा निवासी शिवचरण साहू, गौ रक्षा समिति सदस्य ने थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 अप्रैल की रात करीब 2 बजे एक पिकअप वाहन क्रमांक JH 02 BT 0299 में बड़ी संख्या में गौवंशों को ठूंस-ठूंसकर क्रूरतापूर्वक ले जाया जा रहा था। सामारूमा बस्ती के आगे जंगल के पास पिकअप चालक ने तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए आगे चल रहे ट्रेलर को पीछे से टक्कर मार दी। घटना के बाद मौके पर एक गौवंश मृत मिला, जबकि एक घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा था। तीन अन्य गौवंश सुरक्षित मिले, वहीं शेष गौवंश जंगल की ओर चले गए थे। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि गौवंशों को वध के लिए ले जाया जा रहा था तथा उनके चारे-पानी और उपचार की उचित व्यवस्था नहीं की गई थी। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया था।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना पूंजीपथरा में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। जाँच के दौरान जब्त पिकअप वाहन के मालिक अर्जुन यादव को तलब कर पूछताछ की गई। वाहन मालिक ने बताया कि उसने जनवरी 2025 में वाहन खरीदकर सब्जी परिवहन के काम में लगाया था। बाद में वाहन की देखरेख नहीं कर पाने के कारण उसने गुमला निवासी मो. फिरोज को बेकरी परिवहन के काम के लिए 30 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर वाहन देना बताया। इस संबंध में वाहन मालिक ने लीज इकरारनामा भी प्रस्तुत किया। पुलिस ने संदेही मो. फिरोज से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क किया, लेकिन बातचीत के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। संदेह के आधार पर पूंजीपथरा पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस को आरोपी के अपने गांव आने की सूचना मिली, जिसके बाद पूंजीपथरा पुलिस की टीम उप-निरीक्षक दिलीप बेहरा के नेतृत्व में तत्काल गुमला, झारखंड रवाना हुई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से 12 अक्टूबर 2026 को आरोपी के निवास स्थान पर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर भागने का प्रयास कर रहे मो. फिरोज को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। उसे सुरक्षित रूप से थाना लाकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की। मामले में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे 12 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
रायगढ़ पुलिस द्वारा ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत लंबे समय से फरार आरोपियों की तलाश कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप-निरीक्षक दिलीप बेहरा, आरक्षक हेमसागर पटेल एवं आरक्षक आदिकंद प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
“गौवंशों की तस्करी और पशुओं के साथ क्रूरता करने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्त वैधानिक कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में फरार आरोपियों की तलाश कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। अपराध करके दूसरे राज्य में छिपने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा।”-एसएसपी शशि मोहन सिंह, रायगढ़।



