तहतक न्यूज। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में हुए बहुचर्चित शिक्षिका और उनके बेटे के दोहरे हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रवेश कुमार (36 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है, जो मृतका की सहेली (उसी स्कूल की दूसरी शिक्षिका) का पति है। यह पूरी वारदात महज 19 लाख रुपये के लोन की रकम हड़पने के लालच में अंजाम दी गई थी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक,आरोपी प्रवेश कुमार मोटर-पार्ट्स के व्यवसाय में हुए नुकसान के कारण करीब 20 लाख रुपये के कर्ज में डूबा हुआ था। उसे जानकारी थी कि उसकी पत्नी के साथ काम करने वाली शिक्षिका रजनी बरेठ (40 वर्ष) ने हाल ही में ₹19 लाख का लोन लिया है। इसी रकम को हासिल करने के लिए उसने हत्या की साजिश रची। 9 अक्टूबर की दोपहर आरोपी पैदल ही रजनी बरेठ के घर (विश्रामपुर के केशवनगर) पहुँचा था। शाम को जब रजनी स्कूल से लौटीं और उनका बेटा सुजल ट्यूशन चला गया, तब आरोपी ने उनसे पैसों की मांग की। रजनी द्वारा मना करने पर दोनों के बीच झूमाझटकी हुई, जिसके बाद आरोपी ने उन्हें बाथरूम में खींचकर गला दबाकर मार डाला।

आरोपी को पता था कि रजनी के 17 वर्षीय बेटे सुजल बरेठ को यह मालूम है कि वह (प्रवेश) घर पर मौजूद था। राज खुलने के डर से आरोपी ने सुजल को भी रास्ते से हटाने की प्लानिंग की।
आरोपी रास्ते के तिराहे पर करीब 3 घंटे तक सुजल का इंतजार करता रहा। रात करीब 9 बजे जब सुजल ट्यूशन से लौटा, तो आरोपी ने उससे झूठ कहा कि "तुम्हारी मां मेरे घर पर हैं और तुम्हें बुला रही हैं"। वह सुजल को अपनी कार में बैठाकर अंबिकापुर ले गया और उसे रास्ते में मैगी भी खिलाई। देर रात राईं जंगल के पास आरोपी ने गाड़ी रोकी और सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के टुकड़े से सुजल के सिर और सीने पर वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद शव को महावीरपुर में हाईवे के पास ग्रामीण सड़क किनारे फेंक दिया।
10 अक्टूबर को जब पुलिस को सड़क किनारे छात्र का शव मिला, तो उसकी पहचान सुजल बरेठ के रूप में हुई। इसके बाद जब पुलिस उसके घर पहुँची, तो ताला तोड़कर अंदर जाने पर बाथरूम में मां रजनी बरेठ की भी लाश मिली। मामला ब्लाइंड मर्डर का होने के कारण साइबर सेल और सूरजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले और मोबाइल लोकेशन को ट्रेस किया। सीसीटीवी में आरोपी प्रवेश कुमार की संदिग्ध गतिविधियां दिखने और वारदात के बाद उसके फरार होने पर पुलिस का शक गहरा गया। आखिरकार 22 अक्टूबर को पुलिस ने उसे हिरासत में लिया, जिसके बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से मृतका का मोबाइल, ज्वेलरी और घटना में इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली है।
पुलिस की न्यायिक कार्यवाही और आरोपी की पत्नी के बयानों ने इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी प्रवेश कुमार की पत्नी (जो मृतका रजनी बरेठ के साथ उसी स्कूल में शिक्षिका हैं) मीडिया के सामने आईं। उन्होंने फूट-फूटकर रोते हुए अपने ही पति को फांसी की सजा देने की मांग की है। पत्नी ने खुलासा किया कि आरोपी ने उनका (पत्नी का) भी ₹1 करोड़ का बीमा कराया हुआ था। मृतका और उसके बेटे को मारने के बाद, आरोपी प्रवेश का अगला टारगेट उसकी खुद की पत्नी ही थी, ताकि वह बीमा की बड़ी रकम भी हड़प सके।



