💥रेस्क्यू अभियान का दुखद अंत, मौके पर उमड़ा जनसैलाब।
💥लातनाला के पानी में डूबे पति पत्नी के जीवन का हुआ हृदय विदारक अंत।
💥कार मिलने की सूचना से बॉडी निकालने तक कलेक्टर एसपी रहे मौके पर मौजूद।
💥नागरिकों से पुल पुलियों जल भराव में जोखिम न उठाने कलेक्टर ने की अपील।
तहतक न्यूज/सारंगढ़-बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़। बीते रविवार लात नाला में एक कार के माधोपाली पुल के नीचे गिर कर बह जाने का दर्दनाक हादसा सामने आया था। चार दिनों तक चले लगातार रेस्क्यू अभियान के बाद ग्राम घोटला बड़े के पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी सविता पटेल का शव कार सहित नाले से बरामद कर लिया गया है।

मृतक दम्पति
बता दें कि पिछले रविवार 26 जुलाई की शाम तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान कार में सवार देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी उफनते लात नाला को पार करने की कोशिश कर रहे थे, तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर नीचे गिर गयी और तेज बहाव में बह गई थी। घटना के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों सहित पुलिस, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ उनकी तलाश में जुटे हुए थे। भारी बारिश और नाले के तेज उफान के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था।

आज बुधवार पंजाब से पहुँचे अनुभवी गोताखोरों ने छत्तीसगढ़ की रेस्क्यू टीम के साथ मिल कर संयुक्त अभियान चलाया। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने लगातार प्रयास जारी रखे और घंटों कड़ी मेहनत के बाद अंततः शाम तक कार सहित दोनों शवों को बरामद कर लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, कोरबा के कई टीमों बड़ी मेहनत किया। इस बीच कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, एसपी सुनील शर्मा, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रह कर अभियान की निगरानी करते रहे। इस खोजी अभियान में स्थानीय ग्रामीणों ने भी हर संभव सहयोग दिया। इससे पहले घटना दिनांक से कलेक्टर और एसपी इस अभियान का लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे। रेस्क्यू के दौरान जहाँ हजारों की संख्या में लोग मौके पर डटे रहे। वहीं कार और दोनों के शव बरामद होने की जानकारी मिलते ही पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। कलेक्टर ने जिले के लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में उफनते नदी- नालों, जलमग्न पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम न उठाएं। थोड़ी-सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करना ही सबसे बड़ा बचाव है।


