तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। वर्तमान समय में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि, नाबालिग बच्चियों को अपने ही घर में अकेले छोड़ देना किसी बड़े आफत को न्योता देने जैसा हो गया है। बेटियों की सुरक्षा के लिए शासन कठोर कानून के लाख दावे करे, लेकिन हवस के भूखे भेड़िये हर गली मोहल्लों में घूम रहे हैं। ऐसे ही एक दरिंदे ने पड़ोस में रहने वाली एक नाबालिग को घर में अकेली पाकर सुनेपन का फायदा उठाते हुए दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दे दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लैलूंगा पुलिस ने कल नाबालिग से दुष्कर्म के एक बेहद संवेदनशील मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी सूरज विश्वकर्मा (25 वर्ष) को रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को एक महिला थाना लैलूंगा पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई कि 27 जुलाई 2026 की शाम वह अपनी नातिन को घर पर छोड़कर खेत में रोपाई करने गई थी। वापस लौटने पर बच्ची रो रही थी। पूछताछ करने पर बच्ची ने बताया कि पडोस में रहने वाला सूरज विश्वकर्मा ने उसके साथ कमरे में दुष्कर्म किया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को घटना की जानकारी दी। उनके निर्देशन पर पुलिस टीम ने बिना विलंब कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी फरार होने की फिराक में है, जिस पर तत्काल उसके पडोस गांव ग्राम लिबरा के पास घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी अनिल सोनी तथा डीएसपी सुशांतो बनर्जी के कुशल मार्गदर्शन पर महिला एवं बाल अपराधों के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित पुलिस कार्रवाई के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, उपनिरीक्षक् चन्द्र कुमार सिंगार, एएसआई परमेश्वर सिंह पैंकरा, प्रधान आरक्षक जयशरण चन्द्रा, आरक्षक विनोद कुजूर, शशि उरांव और राजू तिग्गा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
"महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में रायगढ़ पुलिस की स्पष्ट नीति है, "महिला संबंधी शिकायत पर तत्काल, संवेदनशील और कानून सम्मत कार्रवाई।" ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना और अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"- एसएसपी शशि मोहन सिंह, रायगढ़।



