चक्रधर समारोह 2025 में भेदभाव और उपेक्षा के शिकार स्थानीय कलाकारों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़।
पिछले कुछ अरसे से विवादों में रहने वाला रायगढ़ का प्रसिद्ध चक्रधर समारोह इस बार भी सवालों के कटघरे में नजर आ रहा है। चक्रधर समारोह 2025 में स्थानीय कलाकारों के साथ भेदभाव और उपेक्षा किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसको लेकर रायगढ़ के पंजीकृत कलाकारों ने विरोध प्रकट करते हुए सामूहिक रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

नाराजगी जाहिर करते हुए स्थानीय कलाकारों ने बताया कि आयोजन समिति द्वारा बाहर से बुलाए गए कलाकारों के लिए पारिश्रमिक, आवास और भोजन आदि की संपूर्ण व्यवस्था की गई, वहीं स्थानीय कलाकारों को न केवल भुगतान से वंचित रखा गया बल्कि उन्हें केवल शाम 5 से 6 बजे के बीच कार्यक्रम प्रस्तुत करने की बाध्यता दी गई। साथ ही समाचार पत्रों में भी स्थानीय कलाकारों के नाम शामिल नहीं किए गए।


उपेक्षित कलाकारों ने इसे रायगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और स्थानीय प्रतिभाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव जैसे बड़े आयोजनों में स्थानीय कलाकारों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाता है, लेकिन शहर की पहचान बने चक्रधर समारोह में ही स्थानीय कलाकारों को हाशिए पर रखा जाना बेहद दुखद है।

भेदभाव से आहत होकर फिलहाल, कई कलाकारों ने अपना निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिया और उन्होंने मांग रखी कि भविष्य में किसी भी आयोजन में स्थानीय कलाकारों के साथ समान व्यवहार किया जाए और उन्हें भी बाहरी कलाकारों की तरह उचित पारिश्रमिक व सम्मान दिया जाय।

बता दें कि कलाकार छोटा हो या बड़ा हर कला का अपना विशेष महत्व होता है। आज प्रचार-प्रसार का जमाना है, जब कलाकार को अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा तभी तो लोग जानेंगे और उनकी तथा उनके जन्मभूमि की ख्याति बढ़ेगी। चक्रधर समारोह एक ऐसा मंच है जहाँ से स्थानीय कलाकारों को देश-विदेश में नाम रोशन करने का अवसर मिलता, लेकिन स्थानीय कलाकारों की उपेक्षा से ऐसा प्रतीत होता है कि स्थानीय कलाकारों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए जानबूझकर कर उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इस द्वेष पूर्ण भावना की सर्वत्र निंदा हो रही है। जिस राजा के नाम पर इतना बड़ा आयोजन होता है, वहीं उनके ही राज के कलाकारों की पूछ-परख नहीं, यह तो रायगढ़ जिले के लिए अत्यंत ही शर्मिंदा वाली बात है।

बहरहाल, पीड़ित और परिवेदित कलाकारों ने जिले के मुखिया से अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए न्याय की माँग की है और अब देखना यह है कि क्षेत्र के कलाकारों के सम्मान और विकास के लिए क्या कुछ कदम उठाया जायेगा?

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