तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। जेल कॉम्प्लेक्स के दुकानदारों को दो दिन पूर्व दुकानें खाली करने संबंधी नोटिस जारी होने के बाद दुकानदारों में असमंजस और भय का माहौल था। इसी सिलसिले में सोमवार को जेल कॉम्प्लेक्स के दुकानदारों ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर महापौर जीवर्धन चौहान से मुलाकात की और अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराया। दुकानदारों ने महापौर के समक्ष अपनी स्थिति रखते हुए कहा कि वर्षों से वे इन दुकानों में अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। अचानक दुकान खाली करने का नोटिस मिलने से उनके सामने रोजी-रोटी और भविष्य को लेकर चिंता उत्पन्न हो गई है। दुकानदारों की बात सुनने के बाद महापौर जीवर्धन चौहान ने स्पष्ट किया कि दुकान खाली करने संबंधी नोटिस का उद्देश्य किसी दुकानदार को उनका व्यवसाय बंद करवाना या उन्हें परेशान करना नहीं है। जेल कॉम्प्लेक्स की जर्जर स्थिति को देखते हुए यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या बड़े हादसे की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने कहा कि भवन की स्थिति ऐसी है कि सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दुकानदारों को भी अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जो दुकानदार अपनी दुकान में व्यवसाय कर रहे हैं, यदि जर्जर भवन में व्यवसाय के दौरान कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित दुकानदार की भी होगी।
दुकानदारों की चिंता को देखते हुए महापौर ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक मैं हूं, निगम का कोई अधिकारी आपको हटाने नहीं जाएगा। महापौर के इस आश्वासन के बाद दुकानदारों ने राहत की सांस ली।महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन दुकानदारों ने अपनी प्रीमियम राशि जमा कर रखी है, नियमित रूप से किराया जमा कर रहे हैं, और जिनके ऊपर कोई बकाया राशि है, उसे निर्धारित समय-सीमा में जमा कर देते हैं, ऐसे पात्र दुकानदारों को भविष्य में दुकानें उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दिया जाएगा। महापौर ने कहा कि जर्जर जेल कॉम्प्लेक्स के स्थान पर यदि नया निर्माण किया जाता है तो दुकानदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए पहले से बेहतर, सुरक्षित और सर्वसुविधायुक्त कॉम्प्लेक्स तैयार करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने दुकानदारों से कहा कि वे अपने व्यवसाय और भविष्य को लेकर अनावश्यक चिंता न करें। महापौर के आश्वासन के बाद दुकानदारों ने तालियां बजाकर उनका सम्मान किया और राहत व्यक्त की। दुकानदारों का कहना था कि अचानक मिले नोटिस से वे असमंजस में थे, लेकिन महापौर से मुलाकात के बाद उनकी कई चिंताएं दूर हुई हैं।
जेल कॉम्प्लेक्स का मामला एक ओर जहां दुकानदारों की आजीविका से जुड़ा है, वहीं दूसरी ओर जर्जर भवन के कारण उनकी सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में महापौर द्वारा दुकानदारों को भरोसा दिलाते हुए सुरक्षा के साथ उनके व्यवसाय और भविष्य को सुरक्षित रखने की बात कही गई है। इससे दुकानदारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।



