
तहतक न्यूज/रायगढ़।
जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, उद्योग एवं विकास को लेकर हलचलें तेज हो गयी हैं लेकिन पर्यावरण के प्रति चिंता किसी को नहीं है। पर्यावरण संरक्षण के लिए भले ही नियम-कानून कठोर बना दिये गये हैं लेकिन पालन कहीं नहीं हो रहा है। पर्यावरण प्रेमियों में इस बात को लेकर काफी नाराजगी देखने को मिल रही है।

जिले में बढ़ रहे पर्यावरण प्रदूषण, बेतहाशा कटते जंगल, किसानों की बढ़ती जा रही समस्याओं और पेसा कानून के हो रहे उल्लंघन को लेकर शहर के पर्यावरण प्रेमियों की एक बैठक बीते रविवार को पंचायती धर्मशाला में रखी गई थी। इस बैठक में राय शुमारी कर उक्त मुद्दों को लेकर एक जनआंदोलन खड़े करने की जरूरत महसूस की गयी और जमीनी स्तर पर नागरिक मोर्चा बनाकर गांधीवादी एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया।
बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें मुख्य रूप से जिले में बढ़ रहे खतरनाक प्रदूषण, जंगलों को समाप्त करने का चल रहे षडयंत्र और पेसा कानुन का हो रहे उल्लंघन के अलावा किसानों की विभिन्न समस्या व युवाओं को रोजगार दिलाने जैसे मुद्दे शामिल थे। इन मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों की हमेशा से खामोशी और तटस्थता से मिली निराशा पर भी चर्चा हुई और जमीनी स्तर पर अलग से एक सशक्त नागरिक मोर्चा बना कर जनवादी आंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
जल, जंगल, जमीन को बचाने की खातिर आम जनता में जागरूकता लाने व प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए महत्वपूर्ण व प्रभावी पहल करते हुए गांधीवादी एवं लोकतान्त्रिक तरीके से आंदोलन करने की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता वासुदेव शर्मा, राधेश्याम शर्मा, जयंत बहिदार, राजेश त्रिपाठी, नीलकंठ साहू सहित अन्य नागरिक गण उपस्थित थे।