तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। पूरे प्रदेश में "सुशासन तिहार" का मौसम चल रहा है। आम जनता के समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार गाँव-गाँव जाकर शिविर लगा रही है। जनता की हर छोटी-बड़ी शिकायतों को मौके पर ही हल कर रही है, लेकिन विडंबना ऐसी है कि जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर एक ऐसा गाँव है, जहाँ के बाशिंदे एक उद्योगपति की दबंगई से बेहद परेशान और आक्रोश में है। इनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
बता दें कि रायगढ़-घरघोड़ा मुख्यमार्ग में स्थित ग्राम पंचायत लाखा के आश्रित ग्राम चिराईपानी में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यहाँ स्थापित ओम श्री रुपेश कंपनी के मालिक शंकर अग्रवाल के नकारात्मक व्यवहार से यहाँ के निवासी काफी चिंतित, हलाकान और नाराज हैं।



ग्रामीणों के अनुसार आने-जाने का एक मात्र मुख्य सड़क जिसमें गेरवानी, शिवपुरी, पाली, देलारी, सराईपाली, जिवरी, ठरकपुर, डारआमा, बरपाली, गदगांव, राबो, गुड़गुड़, आमापाली, तेन्दुमुड़ी, बरभौना, एडू, नावापारा (टेंडा) आदि दर्जनों गांवों के ग्रामीणों का आवागमन होता है। इतना ही नहीं इस सड़क से लगे कई उद्योग स्थापित हैं, जहाँ भारी वाहन भी आते-जाते हैं। इसी व्यस्ततम मार्ग में स्थापित ओम श्री रुपेश के शंकर अग्रवाल ने अपने प्लांट के सामने ही सड़क के दोनों ओर जेसीबी से गहरा गड्ढा खोद कर सड़क को संकरा कर दिया है, जिससे ग्रामीणों और अन्य वाहन चालकों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं, सड़क के दाएं-बाएं गहरे गड्ढे हो जाने से दुर्घटना का भय हमेशा बना रहता है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस सम्बन्ध में पूँजीपथरा थाने में शिकायत भी किया गया है, लेकिन कई दिन गुजर जाने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस प्रकार शंकर अग्रवाल की दबंगई और प्रशासन की उदासीन रवैये से जन आक्रोश धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है। यदि जल्द ही कोई सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामवासियों का गुस्सा कभी भी विस्फोटक रूप ले सकता है। ऐसे में किसी बड़े जन आंदोलन से इंकार नहीं किया जा सकता।
बात तहतक की करें तो वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में जो चल रहा है उससे यही प्रतीत होता है कि सुशासन के दावे केवल मृग-मरिचिका साबित हो रहे हैं। लोकतंत्र पर कुबेर तंत्र बुरी तरह से हावी है। आम लोग त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रहे हैं और धन कुबेर मनमानी पर तुले हुए हैं।



