अग्रोहा प्लांट कर रहा गाँव की आरक्षित भूमि पर जबरन कब्जा, भड़के ग्रामवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। जिले में उद्योग जगत ने तो हद ही कर दी है। ऐसा लग रहा है जैसे सत्ता की लाठी इन्हीं को सौंप दी गयी है। जिसको जहाँ मौका मिल रहा है वहीं कब्जा कर रहे हैं। इनके हौसले इतने बुलंद हैं कि शासकीय जमीन को भी नहीं छोड़ रहे हैं। कुछ इसी तरह जिसकी लाठी उसकी भैंस की तर्ज पर अग्रोहा प्लांट द्वारा गाँव की शासकीय जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
           विदित हो कि ग्राम पंचायत लाखा के आश्रित ग्राम चिराईपानी के जागरूक युवकों ने एक जूट होकर सरपंच एवं पंचायत सचिव को लिखित शिकायत सौंपते हुए पाली स्थित ‘अग्रोहा प्लांट’ के खिलाफ तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।
                  ग्रामीणों की मानें तो चिराईपानी के सरकारी जमीन, जो ‘छोटे झाड़ के जंगल’ के रूप में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है, इस पर प्लांट द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह भूमि गांव के सार्वजनिक उपयोग और विकास कार्यों के लिए आरक्षित है। शिकायत में यह भी आरोप है कि संबंधित जमीन पर लगे पेड़ों की कटाई की गई है और भूमि को समतल करने के लिए बड़े पैमाने पर फ्लाई ऐश डाला जा रहा है। इतना ही नहीं, बाउंड्री वॉल निर्माण के उद्देश्य से लोहे के खंभे भी गाड़े जा चुके हैं।
              उल्लेखनीय है कि ग्रामीणों ने अग्रोहा कंपनी द्वारा अवैध कब्जा किये जाने की जानकारी देते हुए  जिला पंचायत सदस्य गोपाल अग्रवाल एवं जनपद सदस्य श्रीमती फूलमति धनवार से भी हस्तक्षेप कर कब्जा हटवाने का अनुरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्य न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि गांव के सामूहिक अधिकारों का भी हनन है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय भूमि से अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
          शिकायतकर्ताओं में नटराज डनसेना, महेंद्र कुमार, अर्जुन यादव, नीरज डनसेना सहित बड़ी संख्या में शामिल अन्य ग्राम वासियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जन आंदोलन जैसे बड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे। अब सवाल उठता है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर कई पीढ़ियों से निवासरत जनता के घर पर जब बुलडोजर चल सकता है तो उद्योगपतियों के इस तरह के अवैध कब्जे पर खामोशी क्यों? क्षेत्र में स्थापित ऐसे कई उद्योग हैं जिनके ऊपर शासकीय और वन भूमि पर अवैध कब्जा के आरोप हैं, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही अब तक नहीं हुई। फिलहाल, अब देखने वाली बात है कि ग्रामीणों के इस गंभीर शिकायत पर पंचायत सहित जिला पंचायत सदस्य और जनपद सदस्य द्वारा अग्रोहा कंपनी के विरुद्ध क्या कुछ एक्शन लिया जाता है?

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