रायगढ़-धरमजयगढ़ मार्ग के गुणवत्ताहीन साइड शोल्डर पर उठ रहे गंभीर सवाल

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। रायगढ़-धरमजयगढ़ मुख्य मार्ग के साइड शोल्डर की गुणवत्ता किसी से छिपी नहीं है। जन प्रतिनिधियों एवं नागरिकों की मानें तो इस मार्ग का निर्माण लगभग एक वर्ष पूर्व पूर्ण हुआ था, किंतु  कुछ स्थानों पर साइड शोल्डर अपेक्षित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं हैं, जिसके कारण वर्षा ऋतु एवं भारी यातायात के दौरान सड़क की स्थायित्व क्षमता प्रभावित होने की आशंका है। इन्हीं सब बातों को लेकर जिला पंचायत रायगढ़ की सहकारिता एवं उद्योग समिति के सभापति गोपाल अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग  रायगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता को पत्र प्रेषित कर निर्माण गुणवत्ता से संबंधित विभागीय निरीक्षण रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी माँगी है।
                    सभापति श्री अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से लगातार इस संबंध में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिससे स्पष्ट है कि कार्य की गुणवत्ता का पुनः परीक्षण एवं तकनीकी समीक्षा आवश्यक है। अतः समिति द्वारा विभाग से 07 दिवस के भीतर निम्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है
1.क्या वर्तमान स्थिति तकनीकी रूप से संतोषजनक है?यदि हाँ तो उसके आधार।
2.दोष निवारण अवधि (Defect Liability Period - DLP) के अंतर्गत अब तक की गई कार्यवाही एवं ठेकेदार को जारी नोटिस।
3.साइड शोल्डर निर्माण हेतु निर्धारित तकनीकी मानक, कुटाई (Compaction) एवं लैब परीक्षण रिपोर्ट।
4. ‘पूर्णता प्रमाण-पत्र’ जारी किए जाने के आधार।
5.भविष्य में संरक्षण, मरम्मत एवं सुधार हेतु ठेकेदार की अनुबंधीय जिम्मेदारी एवं प्रस्तावित कार्यवाही।
          आगे उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता और स्थायित्व जनहित से सीधे जुड़ा विषय है। समिति का उद्देश्य विभागीय अभिलेखों के आधार पर स्थिति का वस्तुनिष्ठ आकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करना है। आगामी समीक्षा बैठक में इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा आवश्यकता होने पर संबंधित कार्यों में सुधार हेतु सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस संबंध में पत्र की प्रतिलिपि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायगढ़ को भी प्रेषित की गई है।
        कोई भी शासकीय कार्य हो, गुणवत्ता नाम की कोई चीज नहीं रह गयी है। केवल लीपापोती ही हो रही है। वास्तव में इन घटिया निर्माण कार्यों में बात तहतक की करें तो कई ऐसे विभाग हैं जहाँ भ्रष्टाचार की जड़ें इस कदर व्याप्त हैं कि कहीं भी कोई भी निर्माण सही ढंग से नहीं हो रहा है। भले ही इसके लिए उच्चाधिकारी लाख चेतावनी दें, लेकिन मातहत अधिकारी बाज नहीं आते। कमीशन का खेल खुलेआम चल रहा है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग कैसे अछूता रह सकता है। गुणवत्ताहीन साइड शोल्डर इस बात को प्रमाणित कर रहा है कि यहाँ भी गड़बड़झाला हुआ है।

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