प्रदूषण मुक्त होगा रायगढ़, नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन हुआ गंभीर

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। जिले में संचालित विकास कार्यों, शासन की प्राथमिकताओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर जिला प्रशासन और मीडिया प्रतिनिधियों के बीच त्रैमासिक संवाद कार्यक्रम आज सार्थक और सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे ने विभिन्न विभागों की गतिविधियों और उपलब्धियों की समग्र जानकारी साझा की।
          कलेक्टर ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए जिले में चल रहे विकास कार्यों शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, प्रदूषण नियंत्रण एवं अधोसंरचना विकास जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके तहत औद्योगिक इकाइयों में नियमों का सख्ती से पालन तथा अन्य प्रभावी उपाय लागू किए जा रहे हैं। नगरीय क्षेत्रों में यातायात एवं प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए बायपास निर्माण एवं विशेष कार्ययोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
       शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों पर फोकस करते हुए जर्जर स्कूल भवनों के स्थान पर नए भवनों के निर्माण तथा उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति दी जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए आधुनिक टेस्टिंग सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। रोजगार के क्षेत्र में युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए नवाचारपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। खनन प्रभावित क्षेत्रों की बालिकाओं के लिए संचालित नव गुरुकुल में 150 से अधिक छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, जिन्हें 100 प्रतिशत प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार से जोड़ने की योजना है।
   कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। लैलूंगा क्षेत्र में पारंपरिक जवाफूल चावल के साथ जिले के अन्य क्षेत्रों में तिलहन एवं पाम ऑयल फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देकर रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी ठोस पहल की जा रही है। जिला खनिज न्यास मद के अंतर्गत खनन प्रभावित क्षेत्रों में पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जहां मौके पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड एवं श्रम कार्ड से संबंधित सेवाओं में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक ग्राम पंचायतवार राजस्व पखवाड़ा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके। पर्यटन विकास की दिशा में केलो नदी के उद्गम स्थल पहाड़ लुड़ेग सहित अन्य प्रमुख स्थलों के समग्र विकास हेतु कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर रवि राही सहित बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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