परीक्षा देकर वापस लौट रहे छात्र की सड़क दुर्घटना में मौत, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम



तहतक न्यूज /गेरवानी-रायगढ़, छत्तीसगढ़। रायगढ़-घरघोड़ा मुख्यमार्ग में सड़क हादसे में एक होनहार छात्र की मौत हो गयी। आये दिन हो रहे दुर्घटनाओं से स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और मुआवजे एवं अन्य मांगों को लेकर आज शाम सात बजे चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतार लग गयी। लगभग डेढ़ घंटे से चल रहे चक्काजाम के दौरान नायब तहसीलदार के आश्वासन और तत्काल में एक लाख की सहायता राशि देने के बाद ग्रामीण शांत हुए।

        आपको बता दें कि आज दिनाँक 27 फरवरी को दोपहर 1 बजे गेरवानी के समीप स्टार ढाबा के पास 12वीं के छात्र नेम सिंह ठाकुर पिता टीकाराम उम्र 18 वर्ष एक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गयी। आनन-फानन में पुलिस ने शव को तत्काल जिला अस्पताल भेज दिया।
           बताया जा रहा है कि मृतक छात्र तराईमाल स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में परीक्षा देकर बाइक से घर वापस लौट रहा था तभी तेज गति से आ रहे एक ट्रक की चपेट में आ गया। हादसा इतना भयानक हुआ कि मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गयी वहीं, ट्रक चालक ट्रक सहित फरार हो गया।
           शव को पोस्टमार्टम पश्चात परिजनों को सौंप दिया गया। तत्काल सहायता अथवा क्षतिपूर्ति में प्रशासन की उदासीन रवैया से क्षुब्ध परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने घटना स्थल पर शव रख कर सड़क में आवागमन को पूरी तरह रोक दिया। जब ट्रकों और यात्री वाहनों के चक्के थम गए तब प्रशासन को होश आया और नायब तहसीलदार शुभम स्वर्णकार मौके पर पहुँचे।
          आंदोलनरत ग्रामीणों ने एक करोड़ की मुआवजा राशि सहित पुलिस चौकी प्रारम्भ करने, सालासर चौक-सुनील इस्पात चिराईपानी रोड-सराईपाली रोड में ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था, लक्ष्मण पाँव तिराहा और अशोक लिलेंड शोरूम के सामने स्पीड ब्रेकर बनाने, मुख्यमार्ग में बेतरतीब खड़े गाड़ियों पर कार्यवाही, आबादी क्षेत्र में स्पीड लिमिट करने, ट्रामा सेंटर खोलने तथा चिराईपानी चौक से फटहामुड़ा तक पानी छिड़काव जैसी जरुरी माँग रखी जिसे पूर्ण करने का तहसीलदार द्वारा मौखिक आश्वासन दिया गया। वहीं एक लाख रूपये की नगद सहायता राशि भी परिजनों को दिया गया।
             उल्लेखनीय है कि मृतक नेम सिंह पढ़ाई में तेज और होनहार लड़का था। दसवीं की परीक्षा में उसने टॉप किया था और बारहवीं के बाद सीए करने का सपना संजो रखा था। नेम सिंह की अचानक मौत ने जहाँ उसके पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है वहीं पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
            बहरहाल, अब यह देखना लाजिमी होगा कि ग्रामीणों की माँगे कब तक पूरी हो पाती हैं? या फिर पूर्व की भांति कहीं इस बार भी आश्वासन केवल झुनझुना न साबित हो जाय।
          
      

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *