इसे कहते हैं "लोकसुनवाई" जनता की हुई जीत, प्रशासन ने शुरू की जिंदल की जनसुनवाई निरस्तीकरण की प्रक्रिया


💥 ग्रामीण आदिवासियों की बड़ी जीत, आंदोलन हुआ सफल।
💥 जिंदल जनसुनवाई निरस्त करने की प्रक्रिया हुई तेज, प्रशासन शीघ्र जारी करेगा आदेश।
तहतक न्यूज/तमनार-रायगढ़, छत्तीसगढ़। जिंदल पावर लिमिटेड के प्रस्तावित कोल ब्लॉक के लिए हुई जनसुनवाई के विरोध को लेकर क्षेत्र के प्रभावितों और प्रशासन के बीच टकराव में दहकते तमनार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे रायगढ़ जिले के लिए एक राहत भरी खबर सामने आयी है। शनिवार को पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद  प्रशासन को अपना अड़ियल रवैया त्याग जनता के समक्ष आखिरकार झुकना ही पड़ा और 8 दिसंबर को जिंदल के गारे-पेलमा सेक्टर-1 की हुई जनसुनवाई की निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
                विदित हो कि स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासियों के भारी विरोध और हिंसक झड़पों के बाद, जिला प्रशासन ने 8 दिसंबर को हुई जिंदल की गारे-पेलमा सेक्टर -1 की जनसुनवाई को रद्द करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। घरघोड़ा एसडीएम ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल से पहले चरण की चर्चा पूरी हो चुकी है, जिसके बाद प्रशासन ने जनसुनवाई को लेकर निरस्तीकरण की प्रक्रिया पर गंभीरता से कदम बढ़ा दिए हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि ग्रामीणों की मांग के अनुरूप जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा।
           बता दें कि प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण इस जनसुनवाई को "फर्जी" और नियमों के विरुद्ध बता रहे थे। उनका आरोप है कि पर्यावरण मंजूरी के लिए की गई यह प्रक्रिया जनभावनाओं के खिलाफ थी। 27/28 दिसंबर 2025 को विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें लगभग 8 पुलिसकर्मी घायल हुए और कई वाहनों को आग लगा दी गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पूरी घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
          वर्तमान में तमनार क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। ग्रामीण पिछले दो हफ्तों से धरने पर बैठे थे और अब प्रशासन के लिखित आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

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