तहतक न्यूज/छत्तीसगढ़। विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त) के अवसर पर शासकीय स्तर पर किसी बड़े सरकारी आयोजन और शीर्ष नेताओं द्वारा बधाई संदेश न दिए जाने को लेकर सियासत गरमा गयी है। कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा और तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र और विभिन्न राज्यों जैसे- छत्तीसगढ़ और राजस्थान की भाजपा सरकारें आदिवासी समाज की उपेक्षा कर रही हैं और उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में देखती हैं।
कांग्रेस के आदिवासी विभाग के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया और अन्य नेताओं ने सवाल उठाया कि इस महत्वपूर्ण दिन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से आदिवासी समाज के लिए कोई सार्वजनिक बधाई या संदेश क्यों नहीं आया। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे आदिवासी बहुल राज्यों में जिला स्तर या राज्य स्तर पर कांग्रेस सरकार के समय होने वाले बड़े सांस्कृतिक महोत्सव इस बार नहीं दिखे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह भाजपा की "आदिवासी विरोधी मानसिकता" को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस (RSS) के प्रभाव के कारण सरकारें आदिवासी समाज की संस्कृति, जल, जंगल, जमीन के अधिकारों और उनकी स्वतंत्र पहचान को कमजोर करना चाहती हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि भाजपा के नेता केवल चुनाव के समय ही आदिवासी समाज को याद करते हैं। वहीं, भाजपा समर्थकों और नेताओं का तर्क है कि आदिवासी समाज का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण केवल एक दिन के आयोजनों या खोखले नारों से नहीं, बल्कि धरातल पर हो रहे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी विकास के कार्यों से होता है। उन्होंने कांग्रेस को अपने शासनकाल का रिकॉर्ड देखने और केवल राजनीति न करने की सलाह दी है।


