💥वजन बढ़ाने प्रति बोरी 5 से 10 किलो तक मिलाये गए कंकड़ और मिट्टी।
💥शुरुआती जाँच में गायब मिला था 3200 क्विंटल धान।
तहतक न्यूज/सक्ती,छत्तीसगढ़। जिले में डभरा ब्लॉक के ग्राम पुटीडीह स्थित धान खरीदी केंद्र में ₹1.31 करोड़ का धान खरीदी घोटाला सामने आया है। लंबे समय बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्राधिकृत अधिकारी श्यामाबाई सहित मास्टर माइंड समिति प्रबंधक शशिकांत महंत को गिरफ्तार कर लिया है, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य सहित अन्य संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है।
यह मामला मुख्य रूप से सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक के पुटीडीह धान खरीदी केंद्र से जुड़ा हुआ है।
खरीदी केंद्र के भौतिक सत्यापन के दौरान जब भारी मात्रा में धान कम पाया गया, तो उसकी भरपाई और वजन बढ़ाने के लिए धान की बोरियों में 5 से 10 किलो तक मिट्टी और कंकड़ मिलाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, तत्कालीन कलेक्टर ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। शुरुआती कार्रवाई में खरीदी केंद्र प्रभारी प्रकाश महंत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि, बाद की जांच में समिति प्रबंधक शशिकांत महंत, कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य और प्राधिकृत अधिकारी श्यामाबाई की भूमिका भी सामने आई, बताया गया कि खरीदी केंद्र में धान खरीदी का काम इनकी निगरानी और जिम्मेदारी में संचालित हो रहा था। शुरुआती जांच में केंद्र से करीब 3,200 क्विंटल धान गायब मिला था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹99 लाख से ₹1.31 करोड़ के बीच आंकी गई है। जिला नोडल अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने जब आधी रात को केंद्र पर औचक निरीक्षण किया, तो कर्मचारियों को रंगे हाथों बोरियों में मिट्टी भरते पकड़ा गया। मामले की जांच रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद, पुलिस ने इस धोखाधड़ी के मास्टरमाइंड संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत और प्राधिकृत अधिकारी श्याम बाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुटीडीह के अलावा सक्ती जिले के ओढ़े केरा और फूटी उपार्जन केंद्र में भी इसी तरह रेत-मिट्टी मिलाकर वजन बढ़ाने और धान गायब होने की शिकायतें सामने आई हैं, जिन पर प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है।


