💥देश में E20 ईंधन से कार इंजन खराब होने से जुड़ा पहला और अनोखा मामला।
💥मारुति सुजुकी और उसके डीलर को कड़ी फटकार, ग्राहक को नई कार या रूपये 21.60 लाख लौटाने का आदेश।
तहतक न्यूज/रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जिला उपभोक्ता फोरम ने एथेनॉल मिश्रित (E-20) पेट्रोल से कार खराब होने के मामले में कार निर्माता कंपनी (मारुति सुजुकी) और उसके डीलर को कड़ी फटकार लगाते हुए ग्राहक को नई कार देने या कुल 21.60 लाख रूपये लौटाने का ऐतिहासिक आदेश दिया है। यह देश में E-20 ईंधन (20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल) के कारण कार इंजन खराब होने से जुड़ा पहला और अपनी तरह का अनोखा मामला माना जा रहा है।
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कून्डु और सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार निर्माता कंपनी और डीलर को आदेश के 45 दिनों के भीतर कार्रवाई पूरी करने को कहा है। पीड़ित को उसी मॉडल की एक ब्रांड न्यू कार दी जाए जो E-20 ईंधन के पूरी तरह अनुकूल हो। यदि, कंपनी नई कार नहीं देती है, तो उसे वाहन की पूरी कीमत, आरटीओ (RTO) चार्ज और इंश्योरेंस प्रीमियम मिलाकर रूपये 20,50,494 वापस करने होंगे। इसके अलावा उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी के एवज में 1,00,000 (एक लाख रुपये) और मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में 10,000 रूपये अलग से देने होंगे। यदि, तय 45 दिनों के भीतर इस राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो इस पर 7% वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा।
दरअसल, रायपुर के सड्डू निवासी डॉ. प्रेमराज देवता ने जून 2024 में मारुति की 'ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड' कार खरीदी थी। कार लेने के बाद जब उन्होंने बाजार में मिलने वाला E-20 पेट्रोल भरवाया, तो गाड़ी के इंजन में मिसफायरिंग, खराब माइलेज और बार-बार बंद होने जैसी तकनीकी खराबियां आने लगीं। कई बार सर्विसिंग कराने के बाद भी समस्या ठीक नहीं हुई। जब लैब में जांच कराई गई तो पता चला कि पेट्रोल में कोई खराबी नहीं थी, बल्कि कार का इंजन देश में बिक रहे E-20 पेट्रोल को सपोर्ट ही नहीं कर रहा था।
कोर्ट ने पाया कि ग्राहकों को बिना पूरी जानकारी दिए ऐसी गाड़ी बेची गई जो वर्तमान ईंधन मानकों के अनुकूल नहीं थी, जिसे "सेवा में कमी" (Deficiency in Service) माना गया। यह फैसला भविष्य में ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए एक बड़ी नजीर बनेगा क्योंकि देशभर में अब एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल का ही इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
बता दें कि देश में E-20 पेट्रोल (20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण) को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता और प्रदूषण को कम किया जा सके। हालांकि इस ईंधन को लेकर कई वाहन मालिकों ने इंजन परफॉर्मेंस और माइलेज को लेकर सवाल खड़े किए हैं।


