तहतक न्यूज/जशपुर, छत्तीसगढ़। थाना दुलदुला के अंतर्गत ग्राम बोड़ाजोर में हुई 70 वर्षीय बुजुर्ग गुंगरू प्रधान की हत्या मामले में पुलिस ने 24 घंटे के अंदर एक महिला समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
बता दें कि दिनांक 4 जुलाई 2026 को ग्राम बोड़ाजोर निवासी चुगरू प्रधान (70 वर्ष) अपने ही घर में मृत अवस्था में पाए गए थे। उनके हाथ-पैर बंधे हुए थे तथा शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम एवं डॉग स्क्वॉड की सहायता से घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर सूचना एवं संदेहियों से गहन पूछताछ प्रारंभ की। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक का अपनी बहू सुगंती बेसरा के साथ लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने परिचितों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची, योजना के अनुसार 3 जुलाई की रात आरोपी मोटरसाइकिल से मृतक के घर पहुंचे और चुगरू प्रधान से डंडे व हाथ मुक्कों से मारपीट करते हुए हाथ-पैर बांध दिए तथा मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा, मोटरसाइकिल एवं 04 मोबाइल फोन बरामद किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। इस अंधे कत्ल का त्वरित खुलासा करने में थाना दुलदुला पुलिस, साइबर सेल, एफएसएल टीम एवं विवेचना में शामिल समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही।
"जशपुर पुलिस अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करते हुए प्रत्येक गंभीर अपराध का त्वरित एवं वैज्ञानिक तरीके से खुलासा कर दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।" - एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जशपुर।
बहू द्वारा ससुर की हत्या कराये जाने की इस अविश्वसनीय घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। पारिवारिक विवाद के चलते हो रहे जघन्य वारदातों में तह तक की बात करें तो पारिवारिक विवाद इतना वीभत्स रूप ले चुका है कि इंसान को आज के समय में एक निश्चिन्त पारिवारिक जीवन जी पाना कठिन सा हो गया है। वो भी क्या दिन थे, जब लोग संयुक्त परिवार में रहा करते थे और सुरक्षित सुखमय जीवन-यापन किया करते थे, परन्तु समय के साथ सब कुछ बदल रहा है। समाज में अब एकल परिवार का महत्व बढ़ गया है और जब से एकल परिवार का प्रचलन शुरू हुआ है, तब से परिवार में मतभेद, ईर्ष्या और विवाद की जड़ें गहराती जा रही हैं, यही वजह है कि अपने ही रिश्ते-नातेदारों के बीच मारपीट और हत्या जैसी घटनाओं की तस्वीरें आये दिन देखने को मिल रही हैं, जोकि मानव समाज के लिए एक गहरी चिंता का विषय बन गया है।


