💥"संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़" थीम पर होगा "पुलिस जन संवाद" कार्यक्रम।
💥नशा और जुआ-सट्टा के खिलाफ जनभागीदारी से चलेगा व्यापक अभियान, पुनर्वास एवं रोजगार पर भी रहेगा फोकस।
💥पुलिस, प्रशासन, समाजसेवी, मीडिया, अधिवक्ता एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की संयुक्त समिति बनाने पर होगी चर्चा।
तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आज रायगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी "पुलिस जन संवाद" कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि रायगढ़ पुलिस ने पिछले पांच महीनों में नशे के अवैध कारोबार तथा जुआ-सट्टा के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई कर इन गतिविधियों पर महत्वपूर्ण अंकुश लगाया है और भविष्य में भी ऐसे अपराधों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।
एसएसपी ने कहा कि नशा और जुआ-सट्टा वर्तमान समय में समाज के सामने गंभीर चुनौती के रूप में उभरे हैं। इनका स्थायी समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संभव है। इसी उद्देश्य से "पुलिस जन संवाद" कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है, जिसके माध्यम से शहर के प्रत्येक वार्ड में पुलिस और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम नागरिक बिना किसी संकोच के नशा, जुआ-सट्टा अथवा अन्य किसी भी प्रकार की सूचना एवं शिकायत सीधे पुलिस तक पहुंचा सकें, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाएगी। आगे इसे नगर पालिका खरसिया में भी लागू किये जाने का विचार है ।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान एक ऐसी जनभागीदारी समिति के गठन पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा, जो नशा एवं जुआ-सट्टा की लत से बाहर आए चिन्हित व्यक्तियों के पुनर्वास, मार्गदर्शन एवं रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेगी। इस अभियान में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक होगी। आगे उन्होंने कहा कि रायगढ़ शहर की वर्तमान में दो प्रमुख सामाजिक चुनौतियां नशा और जुआ-सट्टा हैं। इन बुराइयों का प्रभावी उन्मूलन तभी संभव है जब समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर सकारात्मक भूमिका निभाएं। इसी उद्देश्य को लेकर दिनांक 04 जुलाई को "पुलिस जन संवाद" कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसका विषय "संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़" रखा गया है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा होगी। विशेष रूप से नशे एवं जुआ-सट्टा की गिरफ्त में आए युवाओं को इस दुष्चक्र से बाहर निकालकर उन्हें रोजगार एवं सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करने के लिए एक सुनियोजित कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके लिए आवश्यक संसाधनों, सामाजिक सहयोग एवं आर्थिक सहभागिता जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। यह भी बताया कि प्रस्तावित समिति में पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, समाज कल्याण विभाग, अधिवक्ता, मीडिया प्रतिनिधि, समाजसेवी, स्वयंसेवी संस्थाएं (NGO) तथा अन्य जागरूक नागरिकों को शामिल करने का विचार है, ताकि सामूहिक प्रयासों से रायगढ़ को नशा एवं जुआ-सट्टा मुक्त बनाया जा सके।
अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर अपने सुझाव दें और "संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़" के संकल्प को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
"नशा और जुआ-सट्टा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती है। पुलिस की कार्रवाई के साथ समाज की सहभागिता ही इसका स्थायी समाधान है। हमारा लक्ष्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे और सट्टे की गिरफ्त से बाहर निकालकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना भी है।" - एसएसपी शशि मोहन सिंह, रायगढ़।
उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह एक सुलझे हुए न्यायप्रिय और कुशल अनुभवी पुलिस अधिकारी होने के साथ ही साथ दूर की सोच रखने वाले संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी भी हैं, यही कारण है कि अपने शानदार कार्यशैली से अल्प समय में ही आपने रायगढ़ की जनता के दिल में अपना विशिष्ट स्थान बना लिया है। समाज हित में इनकी यह शानदार परिकल्पना 'पुलिस जन संवाद' एक सराहनीय पहल है और इस कार्यक्रम का सकारात्मक परिणाम निकट भविष्य में निश्चित ही देखने को मिलेगा।


