दोषमुक्ति के प्रकरणों पर अभियोजन अधिकारियों की समीक्षा बैठक

💥 पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज ने आयोजित की रेंज के अभियोजन अधिकारियों की समीक्षा मीटिंग।

तहतक न्यूज/बिलासपुर,छत्तीसगढ़। दिनाँक 29/04/2026 को महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग बिलासपुर रेंज के द्वारा माह फरवरी 2026 के दोषमुक्ति के प्रकरणों में समीक्षा मीटिंग का आयोजन रेंज स्तरीय पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय मीटिंग हाल में किया गया। समीक्षा मीटिंग पुलिस अधीक्षक सुश्री निवेदिता पाल (भा.पु.से.) जांजगीर, प्रभारी संयुक्त संचालक अभियोजन आशीष झा बिलासपुर, उप निदेशक अभियोजन विवेक त्रिपाठी रायगढ़, अभियोजन वेद प्रकाश पटेल कोरबा, उप निदेशक अभियोजन श्याम लाल पटेल जांजगीर, उप निदेशक अभियोजन श्रीमति पी.के.भगत मुंगेली, सहायक उप निदेशक अभियोजन संजीव राय पेण्ड्रा तथा उप पुलिसअधीक्षक विवेक शर्मा आईजी कार्यालय उपस्थित रहे।
          दोषमुक्त प्रकरणों की समीक्षा और जिलों के अभियोजन अधिकारियों की मीटिंग श्री गर्ग पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज के द्वारा की गई, जिसमें  विवेचना के दौरान प्रकरणों में विवेचकों के द्वारा प्रकियात्मक त्रुटि की जा रही है जिससे अभियोजन का पक्ष कमजोर होने से आरोपी को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होता है तथा वे दोषमुक्त हो जाते हैं, इसलिए विवेचना के स्तर को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप उन्नत करने हेतु मार्गदर्शित किया।
            ▪️दोषमुक्ति प्रकरणों का विश्लेषण माह फरवरी 2026 के दौरान जिन प्रकरणों में आरोपी दोषमुक्त हुए, उनकी सूक्ष्म समीक्षा की गई। प्रभारी  संयुक्त संचालक अभियोजन आशीष झा बिलासपुर ने उन बिंदुओं को रेखांकित किया जहाँ विवेचकों की छोटी सी चूक का लाभ आरोपियों को मिलता है।
▪️त्रुटिहीन विवेचना पर जोर देते हुए आई जी श्री गर्ग ने स्पष्ट किया कि विवेचना का स्तर आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि अपील योग्य प्रकरणों में नियमित रूप से संबंधित न्यायालयों में अपील करें। अभियोग पत्र विधिवत जिला अभियोजन अधिकारी से स्वीकृति तथा वरिष्ठ कार्यालयों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गहराई से परीक्षण उपरांत ही माननीय न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाए।
▪️ई-साक्ष्य एवं घटनास्थल का विडियोग्राफी पर भी महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिया गया। नशीले पदार्थों से जुड़े NDPS मामलों में विधि सम्मत कार्यवाही और प्रक्रियागत शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को विशेष रूप से मार्गदर्शित किया गया। जिससे कि एनडीपीएस के प्रकरणों में विवेचना की प्रक्रियात्मक त्रुटि से आरोपी की दोषमुक्ति न हो।
▪️समीक्षा मीटिंग के दौरान प्रभारी संयुक्त संचालक अभियोजन आशीष झा बिलासपुर के द्वारा दोषमुक्ति के प्रकरणों में सत्र न्यायालय के कुल 106 प्रकरण तथा अन्य न्यायालयों के कुल 709 प्रकरणों की समीक्षा की गई।
         आई जी श्री गर्ग ने रेंज के जिलों में पदस्थ विवेचकों से अपील की है कि विवेचना के दौरान होने वाली उन तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों को दूर करना है, जिनका लाभ उठाकर आरोपी न्यायालय से दोषमुक्त हो जाते हैं हमारा प्रयास है कि साक्ष्यों का संकलन और विवेचना इतनी सटीक हो कि न्याय की प्रक्रिया में कोई भी कमी न रहे। कार्यक्रम के अंत में आईजी ने उत्कृष्ट सुझाव देते हुये कहा कि निश्चित रूप से इस समीक्षा मीटिंग से आने वाले समय में विवेचना में सुधार होगा और सजा की दर में वृद्धि होगी।

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