वेदांता प्लांट के बायलर में मौत का तांडव, भयंकर विस्फोट में मारे गए कई मजदूर, दर्जनों झुलसे

तहतक न्यूज/सक्ती, छत्तीसगढ़। जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में उस वक्त हड़कम्प मच गया जब बायलर में भयानक विस्फोट के बाद प्लांट परिसर में आग और धुएं का विशाल गुबार फैल गया। आज मंगलवार दोपहर को अचानक हुए इस घटना से वहाँ काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गयी। धमाका इतना इतना जोरदार था कि वहाँ आसपास मौजूद कामगार जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। बताया जा रहा है इस भीषण हादसे में 09 मजदूरों की मौत हो गई है।
              प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के वक्त वहाँ पर बड़ी संख्या में मजदूर कार्य कर रहे थे। हादसे में दर्जनों मजदूरों के घायल होने की जानकारी सामने आयी है, जिनमें कई लोगों की स्थिति बेहद नाजुक बताई जा रही है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रशासन ने भी घटनास्थल को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है।
बायलर का ट्यूब फटने से हुआ हादसा
पुलिस अधीक्षक प्रफुल ठाकुर के अनुसार, बॉयलर के ट्यूब फटने की वजह से यह हादसा हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 09 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दस से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। कुछ मजदूरों के अब भी प्लांट परिसर में फंसे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है।
हादसे पर सीएम ने जताया दुख
विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
सुरक्षा मानकों एवं जिम्मेदार विभाग पर उठ रहे गंभीर सवाल
इस हृदय विदारक घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों और इसके पालन कराने वाले जिम्मेदारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर, उद्योग घरानों को ऐसा कौन सा दिव्यास्त्र प्राप्त है जिसके बल पर ये मनमाना लापरवाही कर मजदूरों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं और इन पर नियंत्रण करने वाला नियम-कानून इनके आगे नतमस्तक हो गया है?  फिलहाल, स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यदि दोषियों पर ठोस और दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो निर्दोष मजदूर कीड़े-मकोड़ों की तरह मरते रहेंगे जोकि मानव समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

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