
तहतक न्यूज/फिंगेश्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन रायपुर के मार्गदर्शन में जिला पैरा स्पोर्ट्स संघ गरियाबंद द्वारा आयोजित प्रथम जिला स्तरीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता–2026 ने जिले के खेल इतिहास में एक नया और प्रेरणादायी अध्याय जोड़ दिया। 24 एवं 25 जनवरी को फिंगेश्वर स्थित फनीकेश्वर महाविद्यालय खेल मैदान में आयोजित इस दो दिवसीय आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि शारीरिक चुनौतियाँ कभी भी मजबूत इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और प्रतिभा के मार्ग में बाधा नहीं बन सकतीं।
गरियाबंद जिले में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें अस्थिबाधित, दृष्टिबाधित एवं व्हीलचेयर श्रेणी के दिव्यांग खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। खेल मैदान पर हर ओर जोश, संघर्ष और आत्मसम्मान का वातावरण देखने को मिला। खिलाड़ियों की आंखों में जीत का संकल्प और चेहरे पर आत्मगौरव की चमक ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
प्रतियोगिता के दौरान 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर एवं 800 मीटर दौड़ स्पर्धाओं के साथ-साथ गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक और लंबी कूद जैसी फील्ड स्पर्धाएं आयोजित की गईं। प्रत्येक स्पर्धा में खिलाड़ियों ने अपनी शारीरिक सीमाओं को पीछे छोड़ते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विशेष रूप से व्हीलचेयर रेस और दृष्टिबाधित खिलाड़ियों की दौड़ प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही, जिसने यह संदेश दिया कि दिव्यांगता कमजोरी नहीं, बल्कि एक अलग सामर्थ्य है। कई अवसरों पर खेल मैदान “भारत माता की जय” और “खिलाड़ी जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा।
इस ऐतिहासिक आयोजन का सफल संचालन जिला पैरा स्पोर्ट्स संघ गरियाबंद की अध्यक्ष प्रीति यादव के नेतृत्व में संपन्न हुआ। उनकी अगुवाई में ईश्वरी साहू, निर्मला, पवन यदु, ओमप्रकाश साहू, राजू साहू, कुंदन सेन, पिंकी यादव, भोज साहू, अमन यादव एवं मनोज यदु की टीम ने उत्कृष्ट समन्वय और अनुशासन के साथ प्रतियोगिता को सफल बनाया। आयोजन स्थल पर पंजीयन, वर्गीकरण, प्राथमिक उपचार, भोजन, विश्राम एवं तकनीकी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी।
प्रतियोगिता का समापन समारोह फिंगेश्वर के सिन्हा कलार सामाजिक भवन में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार यादव रहे, जबकि शरद पारकर, पुरन यादव, प्रकाश कुमार यादव एवं इमरान मेमन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्य अतिथि सुनील कुमार यादव ने अपने संबोधन में कहा कि “ये दिव्यांग बच्चे किसी सहानुभूति के पात्र नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा हैं। इनका आत्मविश्वास और संघर्ष यह साबित करता है कि दिव्यांगता कभी भी प्रतिभा की सीमा नहीं हो सकती। आज इन बच्चों को खेलते हुए देखकर यह स्पष्ट हो जाता है कि यदि उन्हें समान अवसर और मंच मिले, तो वे किसी से भी पीछे नहीं हैं।” उन्होंने समाज और शासन से ऐसे खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने की अपील की।
इस जिला स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित खिलाड़ी 28, 29 एवं 30 जनवरी को जोरा में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गरियाबंद जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। चयन की घोषणा के साथ ही खिलाड़ियों के चेहरों पर खुशी और गर्व स्पष्ट झलक उठा। आयोजन समिति ने चयनित खिलाड़ियों को आगे विशेष प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देने का भी आश्वासन दिया।
जिला पैरा स्पोर्ट्स संघ गरियाबंद की अध्यक्ष प्रीति यादव ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों को आत्मसम्मान, मंच और पहचान दिलाने की सशक्त शुरुआत है। हमारा उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में गरियाबंद जिले को पैरा स्पोर्ट्स का एक मजबूत केंद्र बनाया जाए।
दो दिवसीय इस ऐतिहासिक आयोजन ने यह प्रमाणित कर दिया कि यदि अवसर और मंच मिले, तो दिव्यांग खिलाड़ी भी जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। फिंगेश्वर की धरती पर गूंजी तालियों की गूंज पैरा स्पोर्ट्स के उज्ज्वल भविष्य का स्पष्ट संकेत है।
