
💥 साजिश में मामा ससुर सहित अन्य सहयोगी शामिल।
💥 पार्टी के बहाने बुलाया और पिलायी जमकर शराब।
💥 नशे में बेहोश युवक को कार में बैठाकर ले गए रेलवे लाइन के पास।
💥 बेहोश युवक का बेरहमी से कर दिया सिर धड़ से अलग।
💥 गुमराह करने धड़ को फेंका रेलवे पटरी पर तो सिर को दूसरी जगह खोदकर दबाया गड्डे में।
💥 पत्नी और मामा ससुर समेत चार आरोपी गिरफ्तार।
तहतक न्यूज/भाटापारा, छत्तीसगढ़। संस्कृत में एक श्लोक है – “त्रिया चरित्रम पुरुषस्य भाग्यम, देवो न जानाति कुतो मनुष्यः।” अर्थात् स्त्री के चरित्र की गहराई और पुरुष के भाग्य के उतार-चढ़ाव को स्वयं देवता भी पूरी तरह समझ नहीं पाते, ऐसे में एक आम इंसान के लिए समझ पाना तो यह और भी असंभव है। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में हाल ही में घटी हृदय को झकझोर देने वाली एक निर्मम हत्याकांड ने उक्त कहावत को चरितार्थ कर पुरुष वर्ग को यह सोचने के लिए विवश कर दिया है कि वर्तमान युग में नारियों को बढ़ावा देने पुरुष प्रधान समाज जो अब धीरे-धीरे नारी प्रधान समाज का रूप ले रहा है, कहीं गलत निर्णय तो साबित नहीं होगा। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि, यह तस्वीर कह रही है जिसमें जन्म-जन्मांतर साथ निभाने के सात वचन देकर अग्नि के सात फेरे लेने वाली दोहरे चरित्र की उस कथित पतिव्रता ने अपने ही पति की सुपारी देकर नृशन्स हत्या करवा दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 जनवरी 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे हथबंद थाना पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम मजगांव के पास हथबंद-भाटापारा रेलवे लाइन पर एक शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लाश का सिर पूरी तरह धड़ से अलग था, परन्तु कहीं भी नजर नहीं आ रहा था। प्रारंभिक जांच में ही यह स्पष्ट हो गया कि युवक की हत्या कहीं और की गई है और पहचान छिपाने के उद्देश्य से सिर को अलग स्थान पर फेंक दिया गया, जबकि धड़ रेलवे लाइन पर डाल दिया गया। मृतक ने हल्के नीले रंग की जींस पहन रखी थी और उसके दाहिने हाथ की कलाई पर अंग्रेजी में G.K. JOSHI गुदा हुआ था। यही गोदना आगे चलकर इस अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने में अहम सुराग बना।
बिना सिर के शव की पहचान केवल कपड़ों और हाथ पर बने गोदने के आधार पर करना पुलिस के लिए चुनौती पूर्ण था। घटनास्थल तक पहुंचने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। साइबर सेल की टेक्निकल टीम द्वारा मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर तकनीकी विश्लेषण किया गया तब कहीं जाकर चार दिन बाद शव की पहचान गैस कुमार जोशी पिता गोपाल जोशी (40 वर्ष) निवासी ग्राम भोथीडीह, जिला बेमेतरा के रूप में हुई। मृतक की पहचान होते ही पुलिस ने जांच तेज कर दी और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी।
मुखबिरों से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी कुसुम जोशी, उसके मामा राजेश भारती और दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया। गहन पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि गैस कुमार जोशी अपनी पत्नी के साथ आए दिन मारपीट और झगड़ा करता था, मारपीट करता था। झगड़े से परेशान होकर कुसुम ने अपने पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और इस योजना को अंजाम देने के लिए उसने अपने मामा राजेश भारती और दो सुपारी किलर दारासिंह अनंत और करन अनंत को शामिल किया गया। घटना के दिन कुसुम अपने पति गैस कुमार को पार्टी करने के बहाने अपने मायके ग्राम दरचुरा लेकर गई। वहां पहले से ही दोनों सुपारी किलर मौजूद थे, सभी ने मिलकर गैस कुमार को अत्यधिक शराब पिलाई। नशे की हालत में जब वह खुद को संभाल नहीं पाया, तब उसके साथ मारपीट की गई जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपी उसे कार में बैठाकर ग्राम मजगांव रेलवे लाइन के पास ले गए और वहीं तलवार से उसका गला काट दिया। पहचान छिपाने के उद्देश्य से धड़ को रेलवे लाइन पर फेंक दिया गया और सिर को ग्राम डिग्गी में गड्ढा खोदकर दबा दिया गया। हत्या के बाद दोनों सुपारी किलरों को कुसुम ने रूपये भी दिया।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश में गठित विशेष टीम हथबंद थाना, साइबर सेल और वैज्ञानिक टीम की सराहनीय भूमिका रही। इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम को 5000 का इनाम देने की घोषणा की है।
