
तहतक न्यूज/सरगुजा, छत्तीसगढ़। पुलिस कितना भी चाक-चौबंद रहे, कानून कितने भी कठोर हों, लेकिन आये दिन हो रही आपराधिक घटनाओं ने आम इंसान को दहशत में डाल दिया है। घर से निकलते ही हर किसी के मन में एक अनजाना सा भय करवटें बदलता रहता है। ऐसी स्थिति में बच्चों और महिलाओं का निकलना तो और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है। विशेषकर उस वक्त तो और जब बीच सड़क खुलेआम किसी युवती के अपहरण होने की बात सामने आये। जी हाँ, ऐसी ही एक डरावनी और रौंगटे खड़े कर देने वाली बदसूरत तस्वीर छत्तीसगढ़ के सरगुजा में देखने को मिली है। आपको बता दें कि 15 जनवरी की रात अंबिकापुर में कार सवार चार युवकों ने दुकान से लौट रही एक युवती को जबरन खींचकर कार में बिठाया और भाग निकले। युवती की चीख सुनकर आसपास के लोगों ने सूचना पुलिस को दी। सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस ने सभी मार्गों में घेराबंदी की और कार सवारों का पीछा भी किया। कार सवारों युवकों और युवती को मनेंद्रगढ़ पुलिस ने पकड़ लिया है। सभी 4 युवक मध्यप्रदेश के राजगढ़ के रहने वाले हैं। युवती को क्यों लेकर जा रहे थे इस संबंध पुलिस पूछताछ कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोरिया जिला निवासी युवती अंबिकापुर के गांधीनगर में रहकर फर्नीचर के शो रुम में काम करती है। रोज की तरह गुरुवार की रात फर्नीचर शो रुम बंद होने के बाद वह पैदल घर लौट रही थी। जैसे ही वह सुनसान रास्ते में पहुंची थी कि तभी पीछे से एक कार युवती के पास आकर रुकी और एक युवक ने नीचे उतरकर उसे कार में खींच लिया। युवती चीखती चिल्लाती रही लेकिन उसे कार में लेकर युवक भाग निकले। इस दौरान युवती की चीख सुनकर आसपास के लोग बाहर निकले, तब तक कार निकल चुकी थी। लोगों ने इसकी सूचना डायल 112 को दी। तुरंत पुलिस ने आसपास के इलाकों में घेराबंदी की और सभी थानों को अलर्ट किया। कार सवार युवक युवती को लेकर नेशनल हाईवे 43 से मनेंद्रगढ़ की ओर भाग निकले, जहाँ पहले से सतर्क मनेन्द्रगढ़ की पुलिस टीम ने दो गाड़ियों को सड़क में तिरछा खड़ा कर कार सवारों को रोक अपहृत युवती को बरामद कर लिया। वहीं कार सवार चार युवकों को हिरासत में लिया है। सभी युवक मध्यप्रदेश अंतर्गत राजगढ़ के बताए गए हैं। अंबिकापुर पुलिस मनेंद्रगढ़ पहुंची और चारों युवकों के साथ बरामद युवती को लेकर वापस अंबिकापुर पहुंची।
सरगुजा एएसपी अमोलक सिंह ने बताया कि रात में कार सवारों द्वारा युवती का अपहरण किया गया था। कार सवार चारों युवकों को मनेंद्रगढ़ में पकड़ लिया गया है। युवती को बरामद कर लिया गया है। मामला गांधीनगर थाने में दर्ज है। आरोपियों व युवती से पूछताछ की जा रही है।
बहरहाल, पुलिस की सूझबूझ और सक्रियता से एक बड़ी अनहोनी टल गयी है और इसके लिए पूरी पुलिस की टीम बधाई की पात्र है। अपहरणकर्ताओं के पकड़े जाने से जहाँ क्षेत्र के लोगों ने राहत की साँस ली है, तो वहीं उनके मन में यह भी सवाल उठ रहे हैं कि अपराधी हो या आम नागरिक सबको पता है कि वर्तमान समय में हाईटेक पुलिस से कोई नहीं बच सकता, फिर भी लोग ऐसे आपराधिक कृत्यों को अंजाम क्यों देते हैं? क्या कानून की सजा इतनी सख्त नहीं, जिससे ये डरें?
आपराधिक मामलों और इनके बढ़ते जा रहे आँकड़ों में तह तक जाकर देखें तो जो सच्चाई सामने आती है वो ये है कि पुलिस और कानून से सिर्फ सीधे-सादे, सज्जन और सभ्य लोग ही डरते हैं, न कि असामाजिक या अपराधी तत्व के लोग। यह कैसी विडंबना है कि इंसान जबतक थाना और कचहरी की दहलीज नहीं चढ़ा रहता तबतक पुलिस और कानून से डरता रहता है और जब उस रहस्यमयी दहलीज को पार कर जाता है तो उसे लगता है कि वो भय तो उसकी जेब में है।
