
तहतक न्यूज/घरघोड़ा-रायगढ़, छत्तीसगढ़।
कल्पना कीजिये, जब न्याय की कुर्सी पर बैठ कर न्याय करने वाला ही आरोपियों के कटघरे में नजर आये तो क्या होगा इस देश का? इस समाज का? देश में न्याय और शासन प्रणाली के लिए यह एक गंभीर चिंता का विषय है। आपको यह जानकर घोर आश्चर्य होगा कि न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी घरघोड़ा माननीय दामोदर प्रसाद चंद्रा द्वारा घरघोड़ा में पूर्व पदस्थ एसडीएम अशोक कुमार मार्बल और पटवारी परमेश्वर नेताम सहित दो अन्य के विरुद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 420, 419, 467, 468, 471 एवं 120 बी का अपराध दर्ज कर विवेचना करने का आदेश थाना प्रभारी लैलुंगा को दिया गया है। यह आदेश लैलुंगा निवासी अशोक कुमार अग्रवाल की ओर से दायर क्रीमिनल कम्पलेन्ट फाइलिंग नंबर 714/2024 में उनके वकील की हैसियत से मिश्रा चेम्बर रायगढ़ के सीनियर एडवोकेट अशोक कुमार मिश्रा-आशीष कुमार मिश्रा का तर्क सुनने के बाद अदालत ने पारित किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एसडीएम अशोक कुमार मार्बल एवं पटवारी परमेश्वर नेताम ने ग्राम-झींकाबहाल में जिन्दल पॉवर एण्ड स्टील लिमिटेड की भूमि खसरा नंबर 208 रकबा 0.773 हेक्टेयर के संबंध में राजस्व रेकार्ड में हेराफेरी और कूटरचना करके इस भूमि का स्वामी बिहारी पटेल को दर्शाते हुए ऋण पुस्तिका क्रमांक P-1318403 तैयार किया एवं खसरा, बी-। में भी बिहारी पटेल को मालिक होना दर्शाया जिसके बाद इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बिहारी पटेल ने दिनांक 23/01/2018 को 11,84,000/-रू. में उक्त जमीन लैलुंगा के व्यापारी अशोक कुमार अग्रवाल के पक्ष में बेच दिया जिसकी रजिस्ट्री भी उक्त फर्जी कागजातों के आधार पर हो गई ।

आश्चर्य की बात है कि खरीददार अशोक कुमार अग्रवाल के पक्ष में जमीन बिक जाने पर उसके नाम पर इन राजस्व अधिकारियों ने फर्जी नामातंरण भी कर दिया और फर्जी ऋण पुस्तिका नंबर P-2551631 जारी कर दिया। क्रेता अशोक कुमार अग्रवाल ने जब आनलाइन दस्तावेज निकाला, तब उक्त भूमि वेणूधर वल्द ईश्वर के नाम पर दर्ज होना पाया। बारीकी से छान-बीन करने पर ज्ञात हुआ कि वर्ष 2017 के खसरा में उक्त जमीन जिन्दल पावर लिमिटेड के नाम पर दर्ज है तथा विक्रेता बिहारी पटेल के नाम पर यह जमीन कभी भी दर्ज नहीं रही है, लेकिन एसडीएम अशोककुमार मार्बल और पटवारी परमेश्वर ने फर्जी खसरा-बी-1 एवं फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर बिहारी पटेल को इस जमीन का मालिक होना दर्शाकर उससे यह जमीन क्रेता अशोक अग्रवाल को उसके नाम पर फर्जी नामातंरण करते हुए फर्जी ऋण पुस्तिका भी बना दिया ।
जब इस मामले की रिपोर्ट थाना लैलुंगा व एसपी रायगढ़ से की गई, तो एक उच्च प्रशासनिक अधिकारी व अन्य आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज करने में पुलिस विभाग के हाथ पांव फूल गए। कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित न्यायालय की शरण में गया, जहाँ मिश्रा चेम्बर रायगढ़ के सीनियर वकील अशोक कुमार-आशीष कुमार मिश्रा ने पीड़ित के वकील की हैसियत से उपस्थित होकर तर्क किया ।
न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी घरघोड़ा माननीय दामोदर प्रसाद चंद्रा की अदालत ने तर्क सुनने और पूरे प्रकरण के दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद आदेश लिखकर थानेदार लैलुंगा को निर्देशित किया कि वे एसडीएम अशोक कुमार मार्बल, पटवारी परमेश्वर नेताम, जमीन विक्रेता बिहारी पटेल और विक्रय पत्र में गवाह सुरेन्द्र गुप्ता के विरुद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 420, 419, 467, 468, 471, 120 बी का अपराध दर्ज कर विवेचना करें एवं अभियोग पत्र अथवा अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में दाखिल करें। यहाँ यह भी बताना आवश्यक है कि आरोपी एसडीएम अशोक मार्बल के विरुद्ध भू-अर्जन घोटाला में अपराध दर्ज करने की कार्रवाई आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो रायपुर में लंबित है तथा बजरमुड़ा जमीन घोटाला में इस अधिकारी के खिलाफ अपराध दर्ज करने का आदेश कलेक्टर रायगढ़ द्वारा घरघोड़ा के अनुविभागीय अधिकारी को दिया गया है।
न्यायालय के इस आदेश पर सीनियर एडवोकेट अशोक कुमार-आशीष कुमार मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अदालत का यह आदेश भ्रष्टाचार में आकण्ठ डूबे प्रशासनिक अधिकारियों के लिये एक संदेश है और इस आदेश से साफ स्पष्ट है कि कानून की नजर में सब समान हैं एवं उच्च प्रशासनिक अधिकारी होने के आधार पर अपराध करने की छूट किसी को नहीं मिल सकती है।
फिलहाल, न्यायालय के आदेश से जहाँ फरियादी को न्याय का भरोसा मिला है वहीं भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप का माहौल बन गया है।
