चार पीढ़ियों से निवासरत गरीब परिवार के घर पर चला बुलडोजर

💥निजी जमीन विवाद का मामला, अपना हक बता कर चलवाया बुलडोजर।
💥 बरसों पहले चार पीढ़ियों से निवासरत परिवार आया सड़क पर।
💥 ठंड में खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर भूखी-प्यासी महिलाएं व बच्चे।
💥मामले में एक राजस्व अधिकारी की भूमिका संदिग्ध।

तहतक न्यूज/रायपुर,छत्तीसगढ़।
जिस तरह एक-एक तिनका जोड़ कर पंछी अपना घोंसला बनाते हैं ठीक उसी तरह एक गरीब इंसान पेट काटकर, एक-एक पाई जोड़ कर अपना आशियाना बनाता है और जब वही आशियाना अचानक ढहा दिया जाय तो उस पर क्या बितती होगी? इसका अंदाजा लगाना कठिन हो जाता है। ऐसे ही एक अमानवीय कृत्य रायपुर के फाफाडीह में हाल ही में एक व्यक्ति द्वारा निजी जमीन विवाद के चलते तीन परिवारों के घर तोड़ दिए जाने का मामला सामने आया है। यह कार्रवाई किसी सरकारी विभाग, जैसे नगर निगम या राजस्व विभाग द्वारा नहीं की गई थी, बल्कि एक व्यक्ति ने जमीन पर अपना दावा करते हुए बुलडोजर चलवा दिया था, जिससे तीन परिवार सड़क पर रहने को मजबूर हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीरगांव के रहने वाले शिवमूरत नामक एक व्यक्ति ने उस जमीन को अपना बताते हुए अचानक तीन परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलवा दिया, जहाँ वे कथित तौर पर चार पीढ़ियों से रह रहे थे। इस घटना के बाद प्रभावित परिवार पूरी तरह बेघर हो गए और ठंड के मौसम में खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। इस अमानवीय घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। मामला सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में चतुर्थ श्रेणी के एक राजस्व अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

यह घटना एक निजी भूमि विवाद का परिणाम थी, न कि किसी व्यापक सरकारी अतिक्रमण विरोधी अभियान का हिस्सा। नवीनतम समाचारों के अनुसार, प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है। पीड़ित परिवार न्याय की माँग कर रहे हैं। न्याय नहीं मिलने पर पूरे परिवार द्वारा कथित तौर पर मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह करने की बात सामने आयी है।

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