असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद, पत्रकारों को दे रहे जान से मारने की धमकी, लामबंद हुए पत्रकार

तहतक न्यूज/रायगढ़,छत्तीसगढ़।
            पत्रकारों को बुद्धिजीवियों की श्रेणी में रखा गया है और लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माना जाता है, अर्थात पत्रकारिता एक प्रभावशाली, महत्वपूर्ण व गरिमायुक्त पेशा है, लेकिन पत्रकारों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। पत्रकार सुरक्षा कानून को लागु कराने कई सरकारें आयीं और गयीं लेकिन पत्रकार सुरक्षा कानून मात्र मृग-मरिचिका साबित हो रही है। यही वजह है कि आये दिन पत्रकारों के साथ धमकी-चमकी, गाली-गलौज, मारपीट और यहाँ तक की उनकी हत्याएं तक हो रहीं हैं।  स्थानीय माफियाओं के द्वारा पत्रकारों को धमकी-चमकी दिया जाना साथ ही पुलिस प्रशासन से उनके विरुद्ध झूठी शिकायतें करना तो जैसे आम बात हो गयी है। ऐसे ही एक घटना में एक तथाकथित नेता ने जिले के पत्रकारों को वीडियो मैसेज करते हुए बुरे परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी का मामला प्रकाश में आया है।

           प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते दिनों रायगढ़ शहर से जमीनी पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों, जिनमें अमित पांडे, राजा खान, प्रशांत तिवारी प्रमुख नाम हैं, इन्हें गुंडा प्रवृत्ति के एक स्थानीय कथित मजदूर नेता पिंटू सिंह पिता श्री रामेश्वर सिंह निवासी कोतरा रोड रेलवे फाटक के पास ने वीडियो मेसेज करते हुए बुरे परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी है। बदनामशुदा मजदूर नेता के इस अशोभनीय हरकत से जिले के तमाम  पत्रकार बिरादरी में गहरी नाराजगी का माहौल देखने को मिल रहा है।

           इस निंदनीय घटना को लेकर शहर भर के पत्रकारों ने यह तय किया है कि तथाकथित मजदूर नेता पिंटू सिंह की इस हरकत के खिलाफ बड़ी संख्या में पत्रकार साथी लिखित शिकायत लेकर कल 6 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक महोदय से मिलने उनके कार्यालय में उपस्थित होंगे। इसके साथ ही मजदूर नेता के खिलाफ पुलिस प्रशासन से समय रहते उचित दंडात्मक कार्यवाही किए जाने की मांग भी करेंगे।

           उल्लेखनीय है कि गुंडा प्रवृत्ति के इस तथाकथित मजदूर नेता की अब तक की बेजा हरकतों से न केवल शहर का संभ्रांत वर्ग, अपितु व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, उद्योगपति तथा शासकीय अधिकारी व कर्मचारी तक  परेशान हैं। इसकी हरकतों से परेशान होकर कई राजनीतिक पार्टियों के अलावा मजदूर संगठनों ने भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है। सीधे तौर पर बात की जाए तो पिंटू सिंह नाम का यह व्यक्ति समाज के लिए नासूर बन चुका है। इसके द्वारा विभिन्न सड़क हादसों और औद्योगिक दुर्घटनाओं को मुद्दा बनाकर न केवल शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की जाती रही है, बल्कि शहर की कानून व शांति व्यवस्था से भी खिलवाड़ किया गया है।

ऐसी ही एक घटना जिसमें दिनदयाल अपार्टमेंट रामपुर निवासी महिला से स्थानीय गुंडा तत्वों के द्वारा घर घुसकर मारपीट की गई थी। इस घटना की सूचना पीड़ित महिला के द्वारा सिटी कोतवाली थाने में दिए जाने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की इस कार्यवाही को कवर करने के लिए जब कुछ पत्रकार साथी सिटी कोतवाली थाने पहुंचे थे,इसी बीच मजदूर नेता पिंटू सिंह भी आरोपियों की पैरवी करने थाना पहुंचा और पुलिस कर्मियों से थाने में ही हुज्जत बाजी करने लगा। इसके बाद थाना प्रभारी ने उसे कड़ी फटकार देकर थाने से बाहर किया। इस घटना को वहां खड़े हमारे पत्रकार साथियों ने कवर किया और अपने समाचार का हिस्सा बनाया इस बात को लेकर मजदूर नेता पत्रकारों से उलझ गया और अब खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे की तर्ज पर परेशान करते हुए उसके द्वारा पत्रकारों को टारगेट कर जान से मारने और बुरा परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही है।

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