रंजिश की आग में तपते इंसान को न कानून का खौफ है और न ही पुलिस का भय, बेमौत मारे जा रहे बेकसूर

तहतक न्यूज/खरसिया-रायगढ़, छत्तीसगढ़।
जर, जोरू और जमीन ये तीन ऐसी आकर्षक और खतरनाक चीजें हैं जिसके मायाजाल में फँस कर कोई भी इंसान नहीं बच सका है। महाभारत इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, लेकिन आज के समय में अपने आपको सभ्य और शिक्षित कहने वाला मानव सीख नहीं ले पाया और काम, क्रोध, लोभ और मोह के वशीभूत हो कर बिना सोचे समझे ऐसे जघन्य कांड कर बैठता है जिसकी शायद वो कल्पना तक नहीं किया रहता। ऐसी ही एक घटना में एक पड़ोसी ने दूसरे पड़ोसी के घर घुस कर नर संहार का ऐसा तांडव मचाया कि चार लोगों की जान चली गयी। हालाँकि, तेज-तर्रार और त्वरित कार्रवाई कर सफलता हासिल करने में माहिर रायगढ़ जिले की पुलिस के हाथ दोनों आरोपियों के गर्दन तक पहुँच गयी।

बीते दिनों 11 सितम्बर को खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम ठूसेकेला निवासी बुधराम सिदार और उसके परिवार की निर्मम हत्या कर दी गयी थी। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, डीएसपी अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी प्रभात पटेल समेत खरसिया, छाल, कोतरारोड़, पूंजीपथरा, जोबी पुलिस, एफएसएल, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वाड और बीडीएस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। जांच में बुधराम उरांव (42 वर्ष), उसकी पत्नी सहोद्रा (37 वर्ष) और दोनों बच्चों अरविंद (12 वर्ष) और शिवांगी (5 वर्ष) के शव बाड़ी में जमा गोबर खाद के गड्ढे से बरामद हुए।

जिले के अलग-अलग थानों के प्रभारी और स्टाफ की विशेष टीमें बनाकर जांच तेज की। इसी दौरान जांच टीम को पड़ोसी लकेश्वर पटैल पर संदेह हुआ। साक्ष्य मिलने पर पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह राजमिस्त्री का काम करता है, उसका पडोसी बुधराम उराँव भी राजमिस्त्री का करता है जो अपने परिवार के साथ रहता था। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से कई कारणों से झगड़ा विवाद हुआ था। आरोपी के अनुसार वह पड़ोसी बुधराम के बाडी जमीन को खरीदना चाहता था जिसे कई बार बुधराम से मांगा, लेकिन बुधराम ने जमीन बेचने से इंकार कर दिया था। करीब 6 माह पूर्व लकेश्वर के लड़के ने बुधराम के घर में घुसकर चोरी किया था जिसे आपस मे सुलझा लिये थे।

लकेश्वर पटेल पडोसी बुधराम के चरित्र पर भी शंका करता था, इन्हीं सब इन बातों को लेकर लकेश्वर पटेल बुधराम से रंजिश रखे हुआ था और बुधराम की हत्या की योजना बनाकर मौके की ताक में था। इसने घटना के पूर्व बुधराम और उसकी पत्नी की गैर मौजूदगी में उसके घर की रैकी की। फिर 9 सितंबर की रात उसने बुधराम को खूब नशे में देखा था, उसी रात प्लान के मुताबिक लकेश्वर और एक नाबालिग, बुधराम के घर घुसे और सोये बुधराम और उसकी पत्नी, बच्चों की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दिये फिर शवों को घर के दूसरे कमरे में जमीन खोद कर दफनाना चाहे पर जमीन सख्त होने से गढ्ढा नहीं कर पाये और फिर शवों को घसीटते हुए बाड़ी की ओर ले जाकर गोबर खाद से भरे गड्ढे में दफन कर दिये थे।आरोपियों के मेमोरेंडम पर टंगिया, रॉड, गैंती, फावड़ा, कपड़े आदि महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जप्ती कर दोनों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

रेंज आईजी डॉ. संजीव शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा निर्देशन पर इस खुलासे में जहाँ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम, डीएसपी साइबर सेल अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी पी.एस. भगत जैसे अधिकारियों का मार्गदर्शन कामयाब रहा, वहीं घटना की सूचना के 48 घंटे में संदेहियों को पकड़कर खुलासा करने में थाना प्रभारी खरसिया राजेश जांगड़े, चौकी प्रभारी खरसिया अमित तिवारी, थाना प्रभारी छाल त्रिनाथ त्रिपाठी, थाना प्रभारी पूंजीपथरा राकेश मिश्रा, थाना प्रभारी कोतरारोड मोहन भारद्वाज, थाना प्रभारी भूपदेवपुर संजय नाग, चौकी प्रभारी जोबी लक्ष्मी नारायण राठौर की भूमिका शानदार और सराहनीय रही। टीम में शामिल बीडीएस, डॉग स्क्वॉड, एफएसएल, फिंगरप्रिंट और विशेष टीम के सहायक उप निरीक्षक मनोज कुमार पटेल, राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, बृजलाल गुर्जर, रेनू मंडावी, प्रशांत पण्डा, महेश पण्डा, पुष्पेंद्र जाटवर, विकास प्रधान, प्रताप बेहरा, रविन्द्र गुप्ता चौकी खरसिया के मनोज मरावी, थाना खरसिया के अशोक देवांगन, संजय मिंज, आरक्षक विशोप सिंह, प्रदीप तिवारी, राजेश राठौर, भगत राम टंडन, मुकेश यादव, साविल चंद्रा, डमरूधर पटेल, सत्या सिदार, महिला आरक्षक प्रियंका मिंज, कालिस्ता कुजूर की कर्तव्यनिष्ठा जबरदस्त रही।

बहरहाल, आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र के लोगों में भय से राहत का माहौल है, किन्तु ऐसी हृदय विदारक घटनाओं से यह सवाल हर किसी के मन में उठने लगा है कि क्या कानून और सजा का भय धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है? घटना को अंजाम देने से पहले अपराधी क्यों नहीं सोचता कि आखिर एक दिन वह पकड़ा जायेगा और जेल की अँधेरी कालकोठरियों में पूरी जिंदगी बितानी होगी।

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