डी.ए.व्ही. तथा शा. उ. मा. विद्यालय खम्हरिया में 40वाँ नेत्रदान पखवाड़ा आयोजित

तहतक न्यूज/सारंगढ़-बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एफ.आर. निराला के मार्गदर्शन तथा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार के नेतृत्व में ब्लॉक बिलाईगढ़ अंतर्गत डी. ए. व्ही. स्कूल खम्हरिया व शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खम्हरिया में 40वाँ नेत्रदान पखवाड़ा का भव्य आयोजन किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सहित सहायक नोडल अधिकारी (अंधत्व)जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ अरुण कुमार बंजारे, एवं नेत्र सहायक अधिकारी कमलेश डडसेना, मोती जयसूर्या,तोषण कुमार साहू एवं हरीश वर्मा फार्मासिस्ट कृष्णा कुमार रात्रे,आर.एच.ओ. मनीष साहू एवं शारदा साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रांगण में विद्यार्थियों को नेत्रदान के महत्व से अवगत कराया गया तथा समाज में नेत्रदान की आवश्यकता एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया।



वक्ताओं ने कहा कि नेत्रदान एक महान दान है, जिससे किसी नेत्रहीन व्यक्ति को नई रोशनी मिल सकती है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक बनें और समाज के अन्य लोगों को भी नेत्रदान के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को आंखों के देखभाल व रख रखाव के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान किया गया।



दान तो कई प्रकार के होते हैं, लेकिन नेत्रदान सर्वोपरि है। कहते हैं जान है तो जहान है, किन्तु जब आँखों में रोशनी ही न हो तो अंधकारमय जीवन का क्या औचित्य? पूर्ण रूप से उम्मीद छोड़ चुके अंधे इंसान को आँख मिल जाय तो उसके लिए इससे बड़ा वरदान और क्या हो सकता है? अंदाजा लगाया जा सकता है। अतः नेत्रदान से बढ़कर कोई दान नहीं है। धन-दौलत, जमीन-जायदाद, सोना-चाँदी, रूपये-पैसे तो सभी दान करते हैं, लेकिन इन सबसे ऊपर उठकर नेत्रदान किये जायें तो निश्चित ही उसका फल कई गुना होगा।

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