नवदुर्गा फ्यूल्स की नहीं चली दबंगई, छोड़नी पड़ेगी अवैध कब्जे की जमीन

💥 20 वर्षों से जबरन कब्जा कर रखा था कोटवारी जमीन।

💥 महिला कोटवार ने कई बार की थी शिकायत थाना, तहसील, कलेक्ट्रेट कहीं नहीं हुई सुनवाई।

💥स्वस्तिक मजदूर सेवा समिति की सराहनीय पहल, महिला कोटवार सुलोचनी को मिला न्याय।

तहतक न्यूज/तमनार-रायगढ़, छत्तीसगढ़।
क्षेत्र के कथित विकास में अहम् भूमिका निभाने वाले उद्योगों में शुमार एक बड़े उद्योग को राजस्व विभाग ने अवैध रूप से कब्जा किये हुए कोटवारी जमीन को वापस करने का आदेश जारी कर ऐतिहासिक कदम उठाया है। कोटवारी जमीन से वंचित ग्राम कोटवार सुलोचनी चौहान को जहाँ दो दशक बाद न्याय मिला है, वहीं अवैध कब्जाधारी कंपनियों में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के तमनार विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम सराईपाली स्थित नवदुर्गा फयूल्स प्लांट द्वारा ग्राम कोटवार सुलोचनी चौहान की शासकीय सेवा भूमि को विगत 20 वर्षों से घेराव कर अवैध कब्जा कर लिया गया था। असहाय महिला कोटवार अपने व बच्चों के लालन-पालन के लिए अपने कोटवारी जमीन को पाने थाना,तहसीलदार, एसडीएम एवं कलेक्टर से कई बार शिकायत कर चुकी थी, परन्तु कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। दशकों से दर-दर भटकती सुलोचनी न्याय की उम्मीद खो चुकी थी, जब स्वस्तिक मजदूर सेवा समिति को पता चला तो समिति के प्रदेश अध्यक्ष अजय चकोले, प्रदेश उपाध्यक्ष पूजा साहू एवं रायगढ़ जिलाध्यक्ष पिंटू सिंह ने सुलोचनी से संपर्क किया और समिति के द्वारा कंपनी के प्रबंधक से बात कर एवं कई बार धरना प्रदर्शन कर कंपनी प्रबंधन को कोटवार की जमीन वापस करने लिखित पत्र जारी किया गया, वहीं प्रशासन को भी कोटवारी जमीन वापस कराने हेतु आवेदन दिया गया। परिणाम स्वरुप आज तमनार न्यायालय तहसीलदार के द्वारा कंपनी को 15 दिन के अंदर कोटवार की जमीन वापस करने आदेशित किया गया है।

वास्तव में देखा जाय तो जिले में भले ही उद्योगों की स्थापना को विकास का प्रमाण मान लिया जाता है, लेकिन यह विकास केवल उद्योगपतियों का विकास है, क्षेत्र की जनता का नहीं। पूँजीपथरा क्षेत्र में दर्जनों उद्योग स्थापित हैं, जिनमें से कई उद्योगों के ऊपर अवैध कब्जे के आरोप हैं। यदि ईमानदारी से जाँच हो तो ऐसे कई विवादित मामले उजागर हो सकते हैं।

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