साय सरकार की धान खरीदी की धीमी रफ्तार पर कांग्रेस ने उठाये सवाल

💥160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का भाजपा सरकार का लक्ष्य।

💥जिस रफ्तार से धान खरीदी हो रही उसमें 47 दिनों में लक्ष्य प्राप्त करना असंभव।

💥नहीं खरीदा जा रहा बीज उत्पादक किसानों का धान।

तहतक न्यूज/गरियाबंद।
किसान मुद्दों पर प्रेसवार्ता में कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा विष्णु देव साय सरकार की नई नीति से स्पष्ट है कि वह किसानों से धान खरीदी कम करना चाहती है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव युगल किशोर पांडे एवं गरियाबंद जिला कांग्रेस कमेटी के जिला प्रशासनिक महामंत्री ओंकार सिंह ठाकुर ने प्रेस वार्ता में कहा है कि प्रदेश स्तर पर प्रत्येक जिलों के धान खरीदी केंद्रों में बारदाने की कमी जैसे किसानों से जुड़ी विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार से कांग्रेस सवाल करती है कि इस बार 160 लाख मिट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए 14 नवंबर से 31 जनवरी तक का समय निर्धारित है। शनिवार, रविवार और सरकारी छुट्टियों को छोड़ कुल 47 दिन मिल रहे हैं। इसका मतलब यह है कि प्रतिदिन सरकार को लगभग साढ़े तीन लाख मिट्रिक टन धान की खरीदी प्रति दिन करनी होगी, तब जाकर लक्ष्य पूरा होगा।

विपक्ष ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान में जिस रफ्तार से धान खरीदी हो रही है उसमें लक्ष्य प्राप्त करना असंभव लग रहा। सोसाइटियों को निर्देश है कि एक दिन में अधिकतम 752 क्विंटल यानी 1880 क‌ट्टा धान ही खरीदा जाना है। ऐसे में किसान का शेष धान के लिये उसको आगामी दिनों की तारीख दी जा रही है।

सरकार ने यह घोषणा किया है कि 72 घंटे में किसानों के खाते में पैसा आयेगा, लेकिन जो लोग 14 नवंबर को धान बेचे थे, उनके खाते में रकम नहीं आया है और जो रकम आ रहा है वह एक मुस्त 3100 रु.नहीं है। सिर्फ 2300 रु. प्रति क्विंटल ही आ रहा है। उन्होंने कहा कि अनावरी रिपोर्ट गलत बनाया जा रहा है, जिसके आधार पर मात्र 9 से 14 क्विंटल धान ही खरीदा जा रहा है। बीज उत्पादक किसानों से सोसायटी में धान नहीं खरीदा जा रहा। सोसायटी में सूचना चस्पा किया गया है कि बीज उत्पादक किसानों का धान नहीं लिया जायेगा।

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