सालासर कंपनी उतरा मनमानी पर, शासकीय सड़क और जंगल पर कर रहा अवैध कब्जा ?

💥जंगल के पेड़ और बांस उखाड़, धीरे-धीरे बढ़ा रहा है बाउंड्री वॉल।

💥वृक्षारोपण के लिए दूसरों को जागरूक करने का करते हैं ढोंग और खुद काट रहे पेड़।

💥नेता चुप! विधायक चुप! वन विभाग के अधिकारी चुप! आखिर क्या है इस चुप्पी का राज ?

तहतक न्यूज/गेरवानी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर ही नहीं वरन पूरे जिले में अतिक्रमण करने का फैशन चल रहा है। आम हो या खास, जहाँ देखो जिसे देखो वही कब्जा करने पर तुला हुआ है ऐसे लगता है जैसे यहाँ जमीन कब्जा करने की प्रतियोगिता चल रही है।
कुछ इसी तरह का एक वाकया सामने आया है जिसमें ग्रामपंचायत गेरवानी स्थित सालासर स्टील एंड पॉवर लिमिटेड भी शासकीय सड़क और जंगल को कब्जा कर अपने बाउंड्री वॉल को बढ़ा रहा है। आपको बता दें कि ग्राम चिराईपानी स्थित सुनील इस्पात एंड पॉवर लिमिटेड के बगल से सालासर कंपनी के पीछे बाउंड्री के किनारे से होते हुए ग्राम पाली के लिए एक पहुँच मार्ग बना है जिसे सालासर कंपनी द्वारा घेराव किया जा रहा है।

ग्राम चिराईपानी के लोगों को जब इस बात की जानकारी मिली तो वे तत्काल वहाँ पहुँचे और सालासर कंपनी द्वारा किये जा रहे जबरन कब्जे का विरोध करते हुए काम बंद करवा दिया। कंपनी प्रबंधन मामला सुलझाने के लिए विरोध कर रहे ग्रामीण युवकों को अपने ऑफिस बुलाया। गेट पर घंटों इंतजार कराने के बाद कल चर्चा करेंगे कह कर उन्हें टाल दिया गया। समाचार लिखे जाने तक आज दूसरे दिन भी कंपनी के तरफ से बैठक के लिए कोई पहल नहीं किया गया है। स्थानीय वासियों की मानें तो इस सड़क का निर्माण पंचायत वर्ष 2010 से 2015 के दौरान मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत लाखा द्वारा किया गया था और तब से आसपास के ग्रामीण इस सड़क का उपयोग करते आ रहे हैं। इस रोड और सरकारी जंगल को सालासर कंपनी द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर बाउंड्री वाल को और आगे बढ़ाया जा रहा है तथा वहाँ लगे बड़े पेड़ और बांस को उखाड़ा जा रहा है। ग्राम वासियों के इस गंभीर आरोप पर जब हमने कंपनी का पक्ष जानने के लिए एचआर विनय शर्मा से मोबाइल फोन पर कई बार संपर्क किया किन्तु उन्होंने रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा। इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं कुछ तो गड़बड़झाला है।

सालासर कंपनी द्वारा बेजा कब्जा करने तथा गुमराह और टाल-मटोल किये जाने से चिराईपानी वासियों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। बहरहाल अब देखना लाजिमी होगा कि प्रबंधन के कहे अनुसार बैठक होती भी है या नहीं और अगर होती है तो क्या कुछ निर्णय सामने आएंगे यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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