मदिरालयों में बेखौफ चल रहा ओवर रेटिंग का खेल, चुप्पी साधे है सम्बंधित विभाग…?

💥ओव्हर रेट के मामलों में ठगी करने वाले प्लेसमेंट कर्मचारियों पर अधिकारी मेहरबान क्यूं ?

💥मदिरा प्रेमी उपभोक्ताओं से 110 से 200 रु. तक की हो रही अतिरिक्त वसूली।

तहतक न्यूज/सोमवार/12अगस्त 2024/रायपुर : आदत से लाचार किसी की मजबूरी का नाजायज फायदा उठाना हो तो कोई इनसे सीखे, हम बात कर रहे हैं उन मदिरा प्रेमियों की जो शराब के बगैर रह नहीं सकते और 110रु. से 200रु. तक की अधिक राशि देकर कंठतृप्ति को मजबूर हैं।
गौर तलब हो कि छत्तीसगढ मे सत्ता परिवर्तन के बाद भी शराब दुकानों में ओव्हर रेट का सिलसिला धड़ल्ले से और बदस्तूर जारी है जिसमे मदिरा प्रेमी उपभोक्ताओं को एमआरपी से अधिक दर पर शराब बेचा जा रहा है। बात करते हैं हम कोंडागांव जिले के कोंडागांव और फरसगांव अंग्रेजी शराब दुकानों की जहां से ग्राहक को एमआरपी से ओव्हर रेट में शराब बेचने का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।


विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोंडागांव के विदेशी शराब दुकान में दबंगों द्वारा ओव्हर रेट का खेल खेला जा रहा है जिसे लेकर कोंडागांव आबकारी विभाग
सवालों के कटघरे में हैं। कोंडागांव जिले से ओवररेटिंग का मामला सामने आया है, जहां एक वीडियो में मदिरा प्रेमी दुकान में अपनी पसंद की शराब खरीदने पहुंचता है और प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा नियुक्त कर्मचारी द्वारा उस ग्राहक को एमआरपी दर से अधिक दर पर उस शराब को बेचता साफ नजर आ रहा है। इस प्रकार एक के बाद एक ओवररेटिंग के मामले सामने आने लगे हैं। कोंडागांव के जिला मुख्यालय में इस ओवरेटिंग के गंदे खेल में शराब खरीदने वाले उपभोक्ताओं से हो रहे अवैध उगाही में जिला के अधिकारी से लेकर सुपरवाइजर तक की मिलीभगत होने से इनकार नहीं किया जा सकता।


कोंडागांव के वायरल वीडियो में कस्टमर सेल्समेन से फ्रंट लाइन बाटल का रेट पूछता दिख रहा है। जिस पर सेल्समैन द्वारा 880 रुपये कीमत बताया जा रहा है। जबकि इसकी सरकारी एमआरपी दर 680 रुपया है, यानी 200 रुपए अधिक कीमत की वसूली की जा रही है वहीं एक और दुकान की बात करें तो जिले में ही स्थित फरसगांव विदेशी मंदिरा दुकान में फ्रंट लाइन हाफ जिसका एमआरपी 340 रुपया है उसे 450 रुपया में दिया जा रहा है, यानी 110 रुपया प्रति नग में अधिक की वसूली की जा रही है ।

कोंडागांव विदेशी मंदिरा दुकान में सुपरवाइजर के पद पर पदस्थ रविन्द्र पांडे है और वहीं उसका भाई अरविंद पाण्डेय फरसगांव विदेशी मदिरा दुकान में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है, दोनों सुपरवाइजर अधिकारी के साथ मिलीभगत कर तथा राजनीतिक धौंस दिखाकर काफी समय से इस खेल को अंजाम दे रहे हैं, कोंडागांव जिले में कैप्टन कंपनी (प्लेसमेंट) की टीम काम कर रही है। जिसकी मनमानी खुलकर सामने आने लगी है, कैप्टन कंपनी के इशारे पर यहां सेल्समेन बोतल में लगी एमआरपी स्क्रैच कर ग्राहकों के आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं और मनमानी कीमत लेकर शराब खरीदी करने वाले उपभोक्ताओं को ठग रहे हैं।
कोंडागांव जिले के विदेशी मदिरा दुकान में बेखौफ चल रहे ओव्हर रेट के इस खेल के तह तक की बात करें तो जो तथ्य सामने आ रहे हैं उससे यही स्पष्ट हो रहा है कि अंकुश लगाने वाला आबकारी विभाग स्वयं मौन धारण किये बैठा है अर्थात् चाँदी के जूतों के चमक के आगे नतमस्तक हो गया है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में मदिरा की बिक्री अन्य राज्यों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक है। ऐसे में सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि यहाँ हजारों नहीं लाखों-करोड़ों के वारे-न्यारे हो रहे हैं।
जिला प्रशासन के नाक के नीचे चल रहे इस काले व्यापार पर अंकुश नहीं लगाया जाना कहीं न कहीं विभाग की उदासीनता के साथ संलिप्तता को भी दर्शाती है। जरुरत है इस काले कारनामें पर तत्काल कार्यवाही करने की।

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