शास. केएमटी गर्ल्स कॉलेज परिसर में डेंगू बीमारी के रोकथाम के लिए श्रीथियॉन दवा का छिड़काव

तहतक न्यूज/शनिवार/03 अगस्त 2024/रायगढ़। बरसात का मौसम आते ही बीमारियों का भी मौसम शुरू हो जाता है। पानी का जमाव और नमी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है जिससे मलेरिया और डेंगू जैसे खतरनाक बीमारियाँ फैलने लगती हैं। रायगढ़ शहर में भी डेंगू कहर बरपा रहा है। नित नए मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लगातार हो रहे बारिश के कारण स्थानीय प्रशासन, साफ-सफाई और आम नागरिकों को डेंगू से बचाव के लिए हर संभव जागरूक करने अलर्ट मोड पर है। ऐसे में छात्र नेता एनएसयूआई जिला सचिव गौरव साव का कहना है कि विगत कुछ दिन से लगातार भारी बारिश के कारण शासकीय केएमटी गर्ल्स कॉलेज में बारिश का पानी भारी मात्रा में पूरे कॉलेज परिसर में भर चुका था। जिसके कारण डेंगू नामक बीमारी बढ़ने का भी खतरा था जिसको देखते हुए छात्र नेता गौरव साव द्वारा तत्काल श्रीथियॉन दवा को पूरे कॉलेज परिसर पर छिड़काव का कार्य किया गया।


छात्र नेता गौरव साव ने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि डेंगू जमे हुए साफ पानी में पनपता है इसलिए घर और घर के आसपास जैसे सड़कों के गड्ढों, घर के आंगन या पीछे के साइड के गड्ढों, कूलर, फ्रिज के ट्रे, कबाड़ी सामानों, फूलदान, पुराने टायर नारियल की कोटली, गमले आदि में भी पानी जमा है तो इससे डेंगू मच्छर पनप सकते हैं। अपने आसपास के ऐसे साफ पानी जमा होने के स्थान को साफ एवं खाली करना है और धूप पर सूखाना है। जब डेंगू के मच्छर पनपेंगे ही नहीं, तो डेंगू बीमारी होगा भी नहीं, इसलिए अपने घर या आसपास जहां पर भी साफ पानी का जमाव हो वहां या तो एंटी लार्वा दवा का छिड़काव करें या फिर उसे सुखाकर खाली कर दें।


छात्र नेता गौरव साव ने सभी छात्राओं से अपील किया की अपने परिवार के सदस्यों को जानकारी देने और अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी डेंगू के फैलने और उसके बचाव के उपाय को बताने की अपील किया। कॉलेजों के छात्राओं को डेंगू से बचाव के उपाय एवं लक्षण की जानकारी दी। उन्होंने तेज बुखार, सिर में तेज दर्द, आंखों में दर्द, हाथ पैर में जकड़न, शरीर की त्वचा में लाल चकते बनना आदि के लक्षण हो तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या मितानिन से संपर्क कर डेंगू जांच कराने की बात कही।


शहर में बढ़ते डेंगू के प्रकोप से बचने जनजागरूकता, सोर्स रिडक्शन, एंटी लार्वी साइट दवा का छिड़काव, फागिंग, जले हुए मोबिल का छिड़काव संबंधित कार्य कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कॉलेज के विद्यार्थियों को भी डेंगू से बचने के उपायों की जानकारी दिया।


स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति सजगता से छात्राओं का प्रयास हो तो निश्चित ही स्वस्थ जीवन की कल्पना होगी। इसमें रायगढ़ शहर के पिछले वर्षों के आंकड़े को देखा जाय तो डेंगू नामक बीमारी ने मकड़जाल सा बना लिया है पर सजगता से नागरिकों ने इसे दूर करने का प्रयास किया है। यदि जिला प्रशासन महत्वपूर्ण योजनाओं में इस घातक बीमारी के निवारण को शासकीय योजना में शामिल कर ले तो निश्चित ही आगामी दिनों में रायगढ़ डेंगू मुक्त शहर होगा।

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