तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। पूँजीपथरा पुलिस ने अवैध स्क्रैप परिवहन के मामले में कार्रवाई करते हुए करीब 14 टन स्क्रैप से लदे टाटा 1512 माजदा वाहन को जब्त किया है। जब्त स्क्रैप की अनुमानित कीमत ₹3,98,000 तथा परिवहन में प्रयुक्त वाहन की कीमत करीब ₹8,00,000, इस प्रकार कुल करीब ₹11,98,000 की संपत्ति जब्त की गई है।
दिनांक 30 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी पूँजीपथरा निरीक्षक राम किंकर यादव को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि रायगढ़ की ओर से आए लाल-मैरून रंग के माजदा वाहन में विभिन्न प्रकार के टीन, लोहे के टुकड़े, रॉड एवं वाहनों के पार्ट्स सहित स्क्रैप लोड कर स्टार ढाबा के पास छिपाकर रखा गया है। सूचना पर तत्काल पूँजीपथरा पुलिस टीम द्वारा मौके पर दबिश दी गई, जहाँ टाटा 1512 माजदा 06 चक्का वाहन क्रमांक OD15V7853 खड़ा मिला। वाहन की जाँच करने पर उसके डाला में विभिन्न प्रकार के टीन, लोहे के टुकड़े, रॉड एवं वाहनों के पार्ट्स सहित करीब 14 टन स्क्रैप लोड पाया गया। पुलिस टीम को देखकर वाहन चालक छिपने एवं मौके से भागने का प्रयास कर रहा था, जिसे पुलिसकर्मियों ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम भूषण कुमार साह पिता पुनवासी साह, उम्र 37 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 09, ब्रीजराजनगर, जिला-झारसुगुड़ा, ओडिशा बताया। पूछताछ में आरोपी ने स्क्रैप को रेंगाली कैंप, जिला बरगढ़, ओडिशा स्थित कबाड़ी दुकान से लेकर स्थानीय प्लांट में खपाने के लिए लाना बताया। पुलिस ने वाहन में लोड करीब 14 टन स्क्रैप कीमत ₹3.98 लाख एवं परिवहन में प्रयुक्त टाटा माजदा वाहन कीमत करीब ₹8 लाख, कुल करीब ₹11.98 लाख की संपत्ति को जब्त कर अपने कब्जा में लिया है।
कार्रवाई में प्रधान आरक्षक पारसमणी बेहरा, आरक्षक विनय तिवारी, आरक्षक चन्द्रशेखर चन्द्राकर एवं आरक्षक विनोद शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
“अवैध कबाड़ के परिवहन एवं संदिग्ध गतिविधियों पर रायगढ़ पुलिस की लगातार निगरानी है। अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।”- एसएसपी शशि मोहन सिंह, रायगढ़।
अवैध कबाड़ पर पुलिस की निरंतर ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद भी कबाड़ कारोबारियों द्वारा स्थानीय प्लांटों में आये दिन बड़ी मात्रा में अवैध स्क्रैप खपाया जा रहा है। पकड़े जाने पर स्क्रैप और वाहनों की जप्ती की बात तो सामने आती है, लेकिन अवैध स्क्रैप खरीदने वाले कंपनियों पर भी कोई कार्रवाई होती है या नहीं यह समझ से परे है। यदि, होती तो शायद जिले में कबाड़ का अवैध कारोबार ही पूरी तरह से बंद हो जाता।



