दो दिवसीय 'समूह उद्यम और उद्यमी मानसिकता का विकास' प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ सफलतापूर्वक संपन्न

💥HDFC बैंक 'परिवर्तन' और प्रदान रायगढ़ के सहयोग से महिलाओं को मिला उद्यम विकास, स्व-मूल्यांकन और व्यापार योजना का व्यावहारिक प्रशिक्षण।

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। रायगढ़ स्थित दीदी सदन में एचडीएफसी एफडीपी के द्वारा 7 महिला समूहों एवं आजीविका समितियों की परिसंपत्तियों के सुचारू संचालन और क्षमता विकास हेतु 28 और 29 सितंबर को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह परिसंपत्ति एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम HDFC बैंक 'परिवर्तन' परियोजना के विशेष सहयोग से रायगढ़ ब्लॉक में संचालित किया जा रहा है, जिसका क्रियान्वयन प्रदान संस्था द्वारा किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण में जोरापाली, कलमी, डोंगाढकेल, गेरवानी, उच्चभिट्ठी, पटेलपाली एवं सहसपुरी के स्व-सहायता समूहों और आजीविका समितियों की दीदियां शामिल हुईं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से ऑयल मिल, दाल मिल, सोलर ड्रायर यूनिट, मशरूम स्पॉन यूनिट एवं कस्टम हायरिंग सेंटर  जैसे आजीविका उद्यमों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया।
प्रथम दिवस: स्व-सहायता समूहों का सशक्तिकरण और टीम भावना
        प्रशिक्षण के पहले दिन का मुख्य उद्देश्य समूहों को मजबूत बनाना तथा सदस्यों के बीच आपसी तालमेल, विश्वास और सहकारिता की भावना को बढ़ाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत परिचयात्मक गतिविधियों और 'एक कदम आगे बढ़ो' जैसे खेलों के माध्यम से की गई। इससे प्रतिभागियों की झिझक दूर हुई और सभी दीदियों को व्यवसाय के संबंध में कितना अनुभव व जानकारी है, यह समझने का अवसर मिला।
इसके बाद प्रशिक्षण से अपेक्षाएं के जरिए दीदियों की जरूरतों को समझा गया। प्रशिक्षकों द्वारा 'एक साधारण भीड़' और 'एक संगठित समूह' के बीच के अंतर को बहुत ही सरल तरीके से स्पष्ट किया गया। सत्र के दौरान साझा जिम्मेदारी, पारदर्शी बातचीत, त्वरित निर्णय क्षमता, सहयोग और आपसी विश्वास जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई। दीदियों ने इन मानकों के आधार पर अपने-अपने समूहों का स्व-मूल्यांकन किया और कमजोरियों को दूर करने के उपाय खोजे। साथ ही, उन्हें उद्यम, उद्यमी और उद्यमिता की बुनियादी अवधारणाओं से परिचित कराया गया। इसके अलावा लिज्जत पापड़ और कृष्णा यादव के सफल व्यवसाय के केस स्टडी को भी समझा गया।
द्वितीय दिवस: SWOT एनालिसिस और टिकाऊ बिजनेस प्लान का निर्माण
        प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिभागियों ने अपने-अपने समूहों और व्यावसायिक यूनिट्स का SWOT Analysis (सामर्थ्य, कमजोरी, अवसर और चुनौतियां) किया। दीदियों ने चार्ट पेपर के माध्यम से अपने समूह की मजबूत शक्तियों (Strength), आंतरिक कमियों (Weakness), बाजार में उपलब्ध अवसरों (Opportunity) तथा बाहरी जोखिमों/चुनौतियों (Threat) की पहचान की।
इसके उपरांत, सभी दीदियों ने अपने-अपने उद्यमों जैसे-  CHC, प्रोसेसिंग यूनिट्स आदि को व्यावसायिक रूप से सफल बनाने के लिए विस्तृत बिजनेस प्लान (Business Plan) तैयार किया। इसमें कच्चे माल के प्रबंधन, मशीनों के सही रखरखाव, लागत-मुनाफे के हिसाब, बाजार की संभावनाओं और प्रचार-प्रसार की रणनीतियों को शामिल किया गया।
सामूहिक संकल्प के साथ समापन
दो दिवसीय सत्र के समापन पर उपस्थित सभी दीदियों ने सीखी गई बातों को अपने ऑयल मिल, दाल मिल, सोलर ड्रायर यूनिट, मशरूम स्पॉन यूनिट एवं कस्टम हायरिंग सेंटर के दैनिक कार्य-व्यवहार में लागू करने, व्यावसायिक जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने तथा अपने-अपने उद्यमों को स्वावलंबी व मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की कला, वित्तीय समझ और व्यावसायिक योजना बनाने के कौशल को विकसित करना रहा, ताकि HDFC बैंक 'परिवर्तन' के सहयोग से स्थापित ये सामुदायिक परिसंपत्तियां दीर्घकाल तक टिकाऊ और लाभदायक बनी रहें।

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