एक ऐसा गाँव, जहाँ के ग्रामीणों ने लिया पूर्ण शराबबंदी का संकल्प, पुलिस ने किया स्वागत


💥"ऑपरेशन आघात" के साथ रायगढ़ पुलिस का सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर, गाँव-गाँव पहुँचकर नशे के दुष्परिणामों के प्रति किया जा रहा जागरूक।

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। शराब के नशे का भयंकर दुष्परिणाम जब खुलकर सामने आने लगा है तो गाँव-देहात के आम ग्रामीण भी स्वस्फूर्त शराबबंदी का समर्थन करने लगे हैं और जिले में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” को अब पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से भी मजबूती दी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस द्वारा जहाँ अवैध शराब के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के दुष्परिणामों को लेकर लोगों को जागरूक कर गांवों को नशामुक्त बनाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
        उल्लेखनीय है कि, घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम नवागढ़ के ग्रामीणों ने सामूहिक पहल करते हुए गाँव में पूर्ण शराबबंदी का निर्णय लिया है। ग्राम नवागढ़ में ग्रामीणों द्वारा इस महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी ने ग्रामीणों के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि गाँव का यह कदम केवल शराबबंदी तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है। उन्होंने कहा कि घरघोड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में कई बार सड़क दुर्घटनाओं में नशे में वाहन चलाना एक प्रमुख कारण सामने आता है। नशे का असर केवल सड़क दुर्घटनाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और अन्य अपराधों का कारण भी बनता है। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से कहा कि जिस तरह एक व्यक्ति को देखकर दूसरा व्यक्ति गलत आदत अपनाता है, उसी तरह एक गाँव की अच्छी पहल दूसरे गाँवों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि नवागढ़ के ग्रामीणों द्वारा लिया गया यह संकल्प आसपास के अन्य गाँवों को भी नशे से दूर रहने और अपने गाँव को सुरक्षित एवं स्वस्थ बनाने के लिए प्रेरित करेगा।
       कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी ने अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रामीणों ने जब सामूहिक रूप से शराबबंदी का निर्णय लिया है, उसके बाद यदि गाँव में चोरी-छिपे अवैध शराब बनाने या बेचने की शिकायत मिलती है तो पुलिस द्वारा ऐसे लोगों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
        ग्राम नवागढ़ के ग्रामीणों ने भी पुलिस द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान एवं गाँव में जागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। ग्रामीणों ने विश्वास दिलाया कि वे गाँव में शराबबंदी के निर्णय को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए आपसी सहयोग बनाए रखेंगे तथा अवैध शराब के संबंध में पुलिस को आवश्यक सूचना देंगे।
        “नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की कार्रवाई से पूरी नहीं हो सकती। जब पुलिस के साथ समाज और ग्रामीण स्वयं आगे आते हैं, तभी नशामुक्ति का अभियान  मजबूत होता है। किसी गांव द्वारा स्वेच्छा से शराबबंदी का निर्णय लेना सामाजिक जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का सकारात्मक उदाहरण है। रायगढ़ पुलिस ऐसे हर प्रयास में ग्रामीणों के साथ खड़ी है।”- एसएसपी शशि मोहन सिंह, रायगढ़।
       

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