कोयला मजदूर सभा (HMS) ने एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के अस्पताल की बदहाली को लेकर महाप्रबंधक को सौंपा ज्ञापन


💥अस्पताल व डिस्पेंसरी में दवाओं की किल्लत और ड्यूटी लिस्टिंग में पक्षपात का गंभीर आरोप।
तहतक न्यूज/कोरबा, छत्तीसगढ़। देश की नामी-गिरामी कंपनियों में शुमार साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड भी सवालों के कटघरे में खड़ा नजर आ रहा है। बता दें कि एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के क्षेत्रीय अस्पताल और डिस्पेंसरी में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली, दवाओं की भारी कमी तथा कर्मचारियों की ड्यूटी लिस्टिंग में हो रही अनियमितताओं को लेकर कोयला मजदूर सभा (HMS) ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। यूनियन के अध्यक्ष आर. एस. पाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय मुख्य महाप्रबंधक को एक औपचारिक ज्ञापन (पत्र क्र. S.E.C.L/KA/KMS/PRE/2026/01) सौंपकर व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है।
      

यूनियन ने आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये के बजट के बावजूद श्रमिकों और उनके आश्रितों को बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। अस्पतालों में जरूरी दवाओं की लगातार किल्लत बनी हुई है, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पारदर्शिता के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के डेटा को सार्वजनिक करने की मांग, चिकित्सा सुविधाओं में पारदर्शिता लाने और दवाओं की कमी की शिकायतों के स्थायी निवारण के लिए कोयला मजदूर सभा ने प्रबंधन के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख बिंदु रखे हैं।
दवाओं की प्राप्ति एवं वितरण का ब्यौरा
        SAP प्रणाली और मांग-पत्र (Indent) के आधार पर स्टोर में प्राप्त कुल दवाओं (नाम, बैच नंबर, एक्सपायरी तिथि सहित) तथा वितरित की गई दवाओं की प्रमाणित सूची सार्वजनिक की जाए।
भौतिक सत्यापन (Physical Verification)
         दवाओं के वर्तमान स्टॉक का फिजिकल वेरिफिकेशन करायी जाए और वास्तविक मात्रा का रिकॉर्ड से मिलान कर स्पष्ट विवरण प्रस्तुत किया जाए।
शॉर्टेज और आगामी खरीदी की स्थिति
          स्टॉक में पाई गई कमी (Shortage) या अधिकता के कारणों को स्पष्ट किया जाए और आगामी महीनों के लिए दवाओं की खरीद (Procurement) की योजना बताई जाए।
एक्सपायर और नियर-एक्सपायरी दवाएं
         खराब या एक्सपायर हो चुकी दवाओं का पूरा विवरण देने के साथ-साथ उन दवाओं की सूची भी दी जाए जिनकी एक्सपायरी डेट बेहद नजदीक है, ताकि उनका समय पर उपयोग हो सके।
यूनियन प्रतिनिधि की मौजूदगी
        स्टॉक के भौतिक सत्यापन की पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने के लिए कोयला मजदूर सभा (HMS) के प्रतिनिधि की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
डिस्पेंसरी में 'पिक एंड चूज' नीति का कड़ा विरोध
        ज्ञापन में दवाओं की कमी के साथ-साथ स्टाफ प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यूनियन अध्यक्ष आर.एस.पाल ने बताया कि डिस्पेंसरी में संडे (Sunday) और पब्लिक हॉलिडे (PH) ड्यूटी का रोस्टर बेहद पक्षपातपूर्ण तरीके से बनाया जा रहा है। चहेते कर्मचारियों को फायदा पहुँचाने के लिए 'पिक एंड चूज' की नीति अपनाई जा रही है, जिससे ईमानदार कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
         यूनियन ने इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाकर एक निष्पक्ष और पारदर्शी रोस्टर लागू करने की मांग की है। यही नहीं, इस ज्ञापन की प्रतिलिपि उचित कार्रवाई और सूचनार्थ हेतु क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी तथा स्टाफ अधिकारी (कार्मिक/औद्योगिक संबंध), कुसमुंडा क्षेत्र को भी प्रेषित की गई है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और पारदर्शी व्यवस्था लागू नहीं की गई, तो संगठन श्रमिकों के हित में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
        सवाल उठता है कि कोयला उत्पादन में अग्रणी मानी जाने वाली एसईसीएल अपने कामगारों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने में आखिर पिछड़ती नजर क्यों आ रही है? बात करें तहतक की तो जब कामगार ही बीमार रहेंगे तो कंपनी कैसे स्वस्थ रह सकती है? हर साल रिकार्डतोड़ उत्पादन का कीर्तिमान हासिल करने वाली एसईसीएल अपने ही हाथों अपनी पीठ कैसे थपथपा पाएगी?

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