तहतक न्यूज/ओडिशा। भ्रष्टाचार के जमाने में बिना रिश्वत के कोई भी कार्य करवाना मुश्किलही नहीं नामुमकिन हो गया है। बाबू और छोटे-मोटे अधिकारियों द्वारा रिश्वत लेना तो आम बात है, लेकिन जब बड़े और उच्च अधिकारी भी रिश्वत लेना शुरू कर दें तो इस देश का क्या होगा? इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। बता दें कि विजिलेंस विभाग ने राउरकेला के आबकारी अधीक्षक (Excise Superintendent) धनेश्वर बराड़ को 5 लाख रूपये की रिश्वत की रकम के साथ पकड़ा है। यह कार्रवाई 11 सितंबर 2026 को उदितनगर स्थित आबकारी अधीक्षक के कार्यालय के सामने की गयी है। विजिलेंस की टीम ने एक स्कॉर्पियो गाड़ी (नंबर OD-14AD-1314) को रोका, जिसे एक स्थानीय शराब दुकान का सेल्समैन चला रहा था। गाड़ी से 5 लाख रूपये नकद बरामद किए गए। सेल्समैन ने पूछताछ में स्वीकार किया कि यह पैसा आबकारी अधीक्षक धनेश्वर बराड़ ने उसे अपने निजी आवास पर पहुँचाने के लिए दिया था। विजिलेंस को खुफिया जानकारी मिली थी कि आबकारी अधीक्षक स्थानीय उत्पाद शुल्क लाइसेंसधारियों से सिस्टेमैटिक तरीके से रिश्वत वसूल रहे थे। जब विजिलेंस टीम ने धनेश्वर बराड़ से पूछताछ की, तो वे इस 5 लाख रूपये के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
इस मामले में राउरकेला विजिलेंस पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) तहत केस दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही, विजिलेंस विभाग आय से अधिक संपत्ति के पहलू से मामले की गहराई से जांच के लिए आरोपी अधिकारी के कार्यालय और आवासीय ठिकानों पर सघन छापेमारी शुरू कर दी गई है। मामले में आगे की जांच युद्धस्तर पर जारी है और जल्द ही कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।


