अपराधी के हौसले बुलंद, जिला बदर चाहत शुक्ला ने पुलिस कार्यालय में किया हाई वोल्टेज ड्रामा भेजा गया जेल

💥चाहत शुक्ला के आपराधिक प्रवृत्ति को देख दो बार किया गया है जिला बदर, आरोपी ने जिला दंडाधिकारी के निष्कासन आदेश का किया उल्लंघन।
तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। पुलिस का नाम सुनते ही अक्सर आम नागरिक के चेहरे पर मुस्कान की लहर नहीं बल्कि, भय मिश्रित सवालिया निशान उभर आते हैं। कहते हैं, पुलिस से न तो दोस्ती भली और न ही दुश्मनी। शायद इसी वजह से लोग पुलिस और थाने से दूरी बनाकर ही चलते हैं। लेकिन, अपराधियों के हौसले इतने अधिक बढ़ गए हैं कि थाने तो क्या..? एसपी दफ्तर तक पहुँच कर हंगामा करने से बाज नहीं आ रहे। ऐसे ही एक हाई वोल्टेज ड्रामे की तस्वीर रायगढ़ से आयी है जोकि लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गयी है।
          बता दें कि, 16 जुलाई 2026 की शाम जिला बदर आरोपी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य पुलिस कार्यालय परिसर पहुंचकर कोतवाली पुलिस द्वारा उसके विरुद्ध बार-बार जिला बदर की कार्रवाई किए जाने की बात कहते हुए जोर-जोर से शोर-शराबा और हंगामा करने लगा। उसके हाथ में एक प्लास्टिक की बोतल थी, जिसमें पेट्रोल भरा हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल बोतल को उसके कब्जे से सुरक्षित रूप से छीन लिया। इसी दौरान कोतवाली थाना की पेट्रोलिंग टीम भी पुलिस कार्यालय पहुंच गई।
          पुलिस द्वारा आरोपी को शांत रहने एवं समझाइश देने का प्रयास किया गया, किंतु वह लगातार अभद्र व्यवहार करते हुए और अधिक उग्र होकर हंगामा करता रहा। तत्काल संज्ञेय अपराध घटित होने की आशंका को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने धारा 170 बीएनएसएस के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर इस्तगासा क्रमांक 308/2026 में धारा 170/126/135(3) बीएनएसएस के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। आज 17 जुलाई 2026 को आरोपी को एसडीएम कार्यालय रायगढ़ में प्रस्तुत किया गया, जहां से जारी जेल वारंट के आधार पर उसे जिला जेल रायगढ़ दाखिल कराया गया।
        यहाँ बताना लाजिमी होगा कि, चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य पिता अरुण शुक्ला, उम्र 29 वर्ष, निवासी रेलवे स्टेशन मोटरसाइकिल स्टैंड के पीछे, थाना कोतवाली, जिला रायगढ़ वर्ष 2023 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके विरुद्ध थाना कोतवाली में मारपीट सहित कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए वर्ष 2024 में उसे एक वर्ष के लिए जिला बदर किया गया था। जिला बदर अवधि समाप्त होने के बाद भी उसकी आपराधिक गतिविधियां नहीं रुकीं। वर्ष 2025 में पुनः मारपीट के मामले में कार्रवाई के बाद उसके विरुद्ध दोबारा जिला बदर की कार्रवाई हेतु प्रतिवेदन जिला दंडाधिकारी रायगढ़ को भेजा गया था।
         जिला दंडाधिकारी रायगढ़ ने 23 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क) एवं (ख) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य को रायगढ़ जिले सहित समीपवर्ती जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार-भाटापारा, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, कोरबा एवं जशपुर की सीमाओं से एक वर्ष की अवधि के लिए निष्कासित (जिला बदर) किया था। इसके बावजूद आरोपी ने जिला दंडाधिकारी के आदेश का उल्लंघन करते हुए रायगढ़ जिले में प्रवेश किया, जिस पर उसके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर कोतवाली पुलिस ने जिला दंडाधिकारी के निष्कासन आदेश का उल्लंघन कर जिले में प्रवेश करने तथा पुलिस कार्यालय परिसर में हंगामा करने वाले जिला बदर आरोपी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य के विरुद्ध त्वरित वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे आज जेल भेज दिया गया।
        "जिला बदर आदेश का उल्लंघन, लोक शांति भंग करने का प्रयास अथवा कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस तत्काल और कठोर वैधानिक कार्रवाई करेगी।"-एसएसपी शशि मोहन सिंह, रायगढ़।

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