तहतक न्यूज/ नई दिल्ली। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को आतंकवाद और सीमा पार से जारी हरकतों पर बेहद सख्त लहजे में अंतिम चेतावनी दी है। सेना प्रमुख ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि पाकिस्तान ने अपनी नीतियों में सुधार नहीं किया, तो उसे यह तय करना होगा कि वह "दुनिया के नक्शे पर भूगोल का हिस्सा रहना चाहता है या इतिहास का।" इस कड़े अल्टीमेटम के बाद पाकिस्तानी सेना (ISPR) में हड़कंप मच गया है।
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि यदि पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवादियों को पनाह देना और साजिशें रचना बंद नहीं करता, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। भारत अब सीमा पार आतंकवाद को लेकर 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति पर चल रहा है, जिसके तहत आतंकियों और उनके मददगारों को सीधे उनके घर में घुसकर खत्म किया जा रहा है।
राजस्थान के मेड़ता में एक जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले साल हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' (मई 2025 का सैन्य संघर्ष) का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस कार्रवाई से पाकिस्तान को कड़ा संदेश मिल चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत अब चुपचाप सहने वाला देश नहीं है। अगर पाकिस्तान ने दोबारा कोई उकसावे वाली हरकत की, तो इस बार ऐसा पलटवार होगा जो आज तक कभी नहीं हुआ। भारतीय सेना प्रमुख के बयान के बाद पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए दक्षिण एशिया की शांति के लिए खतरा करार दिया है। पाकिस्तान भारत की नई तकनीकों और अग्नि-VI मिसाइल ( रेंज 10,000 से 12,000 किमी तक) के परीक्षणों को लेकर भी डरा हुआ है। इसके साथ ही वैश्विक मंचों (जैसे UNHRC) पर भी भारत ने पाकिस्तान को साफ शब्दों में पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) खाली करने और आतंकवाद रोकने का अल्टीमेटम दिया हुआ है।



