सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर और नर्स गायब, भारी अव्यवस्था व लापरवाही, होगी बड़ी कार्रवाई

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़।
       प्रदेश सरकार जनता के स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील सेवाओं को लेकर जितनी गंभीर है, उतनी ही लापरवाही की तस्वीरें जिले के शासकीय अस्पतालों में देखने को मिल रही है। इसका ताजा उदाहरण विकासखंड खरसिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चपले के आकस्मिक निरीक्षण में सामने आया है।

                 विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत पठारे ने खरसिया विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चपले का रात्रि लगभग 8 बजे औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में अत्यंत ही गंभीर अनियमितताएँ और लापरवाही पायी गयीं। ड्यूटी पर तैनात डॉ. सी.एस. डनसेना तथा स्टाफ नर्स श्रीमती आरती नगेसिया अस्पताल से गायब पाए गए। दोनों की अनुपस्थिति पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पठारे ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कलेक्टर को प्रस्ताव भेजे जाने के निर्देश दिए।

                         निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में मरीजों को बेडशीट व कम्बल की कमी,  साफ-सफाई की अत्यधिक कमी, तथा मच्छरों से बचाव के लिए कोई समुचित व्यवस्था न होना जैसी गंभीर लापरवाहियाँ पाई गईं। इसके अतिरिक्त स्टोर रूम, ड्रेसिंग रूम एवं विभिन्न चिकित्सा उपकरण भी अव्यवस्थित पाई गई। सीईओ श्री पठारे ने तत्काल संबंधित प्रभारी को सभी कक्षों की साफ-सफाई कर व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय अस्पताल परिसर में दो एम्बुलेंस खड़ी मिलीं, किन्तु दोनों वाहनों के चालक भी नदारद थे। सीईओ ने इस पर भी असंतोष व्यक्त करते हुए व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील सेवा में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी और अनुशासन का परिचय देना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें।

फिलहाल, सीईओ अभिजीत पठारे की इस जबरदस्त छापामार कार्रवाई से जहाँ जिले के सभी ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में हड़कंप मच गया है, तो वहीं जिला प्रशासन के इस सराहनीय कार्य से ग्रामीण जनों को शासकीय अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीदें जगी हैं। जिले के सभी उच्चाधिकारी अपने-अपने विभागों में इस तरह की छापामार कार्रवाई कर दोषियों को दण्डित करें तो निश्चित ही शासन प्रणाली मजबूत और सार्थक होगी तथा आम जनता सुखी व खुशहाल रहेगी।

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